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जातिगत आरक्षण के खिलाफ दिल्ली में उबाल! : जंतर-मंतर पर युवाओं की हुंकार, पुलिस ने बलपूर्वक हटाया, देर शाम शुरू हुई कार्रवाई

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Aug 22, 2026
06:54 AM
जंतर-मंतर पर युवाओं की हुंकार, पुलिस ने बलपूर्वक हटाया, देर शाम शुरू हुई कार्रवाई

नई दिल्ली। जाति आधारित आरक्षण का विरोध तेज हो गया है। इतना ही नहीं, शुक्रवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर सैकड़ों युवाओं ने आरक्षण के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। यह जुटान इंटरनेट मीडिया के जरिये भी किया गया था। हालांकि पुलिस ने उनके आंदोलन को ज्यादा देर तक नहीं टिकने दिया। दिल्ली पुलिस और केन्द्रीय सुरक्षाबलों ने प्रदर्शनकारी युवाओं को जबरन धरना स्थल से हटा दिया। कई युवाओं को जहां बस में बैठाकर मौके से बाहर ले जाया गया, वहीं कुद प्रदर्शनकारियों को हिरासत में भी ले लिया। वहीं, आज यानी 22 अगस्त को भीड़ बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।

प्रदर्शनकारी आरक्षण का आधार जाति के बजाय आर्थिक स्थिति को बनाने की मांग कर रहे थे। विभिन्न राज्यों से आए युवाओं ने सरकार से मौजूदा आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा की मांग उठाई। उनका कहना था कि सरकारी सहायता का लाभ उन लोगों तक पहुंचना चाहिए जिन्हें वास्तव में इसकी आवश्यकता है। प्रदर्शनकारियों ने अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग से संबंधित नीतियों में भी बदलाव की मांग उठाई।

वहीं धरना स्थल के आसपास अवरोधक लगाए गए और दिल्ली पुलिस के साथ केंद्रीय सुरक्षा बलों की टुकड़ियां भी तैनात की गईं। कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे और लोगों को वहां से हटाना शुरू किया। सामने आई तस्वीरों में सुरक्षाबलों को प्रदर्शनकारियों को बसों तक ले जाते हुए देखा गया। प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें सरकार तक पहुंचाना चाहते थे।

प्रदर्शन की अनुमति को लेकर पहले ही जारी हुई थी चेतावनी

दिल्ली पुलिस ने एक दिन पहले ही स्पष्ट किया था कि 21 अगस्त को जंतर-मंतर पर आरक्षण सुधार से संबंधित प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं दी गई है। पुलिस ने सामाजिक माध्यमों पर प्रसारित अनुमति संबंधी दावों को भी गलत और भ्रामक बताया था। इसके बावजूद शुक्रवार को प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर पहुंच गए। भीड़ बढ़ने के बाद पुलिस ने सुरक्षा घेरा मजबूत कर दिया। बाद में प्रदर्शन को शांतिपूर्ण तरीके से जारी रखने की अनुमति दिए जाने की भी जानकारी सामने आई।

निषेधाज्ञा का हवाला, पांच से अधिक लोगों के जमावड़े पर रोक

दिल्ली पुलिस के अनुसार नई दिल्ली जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा पहले से लागू थी। इसके अंतर्गत पांच या उससे अधिक लोगों के जुलूस, सभा और प्रदर्शन पर प्रतिबंध रहता है। पुलिस ने लोगों से अपुष्ट सूचनाओं पर विश्वास न करने की अपील भी की थी।

‘क्रीमी लेयर’ की मांग भी उठी

प्रदर्शन में शामिल कुछ लोगों ने आरक्षण व्यवस्था में ‘क्रीमी लेयर’ का प्रावधान लागू करने की मांग की। उनका कहना था कि आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को छात्रवृत्ति, शुल्क सहायता और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी जैसी सुविधाएं आर्थिक जरूरत के आधार पर मिलनी चाहिए। प्रदर्शनकारियों का दावा था कि उनका उद्देश्य जरूरतमंदों को सरकारी सहायता से वंचित करना नहीं, बल्कि सहायता को वास्तविक जरूरतमंदों तक अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचाना है।

प्रफुल्ल तिवारी
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प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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