एमपी पुलिस का दम : सीएम मोहन के हाथों सम्मानित हुए 101 जवान, साहस, सेवा और तकनीक से बनाई नई पहचान

भोपाल। राजधानी भोपाल के रवींद्र भवन में सोमवार को आयोजित केएफ रूस्तमजी पुरस्कार वितरण समारोह में मध्यप्रदेश पुलिस के 101 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पुलिसकर्मियों को पुरस्कार प्रदान करते हुए कहा कि एमपी पुलिस ने अपने साहस, अनुशासन और उत्कृष्ट कार्यशैली से देशभर में अलग पहचान बनाई है।
समारोह में पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। अश्वरोही दल द्वारा विशेष सम्मान दिया गया और गार्ड ऑफ ऑनर भी प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम में वर्ष 2019-20 और 2021-22 के लिए परम विशिष्ट, अति विशिष्ट और विशिष्ट श्रेणी के पुरस्कार वितरित किए गए।

7 को परम विशिष्ट, 8 को अति विशिष्ट सम्मान
समारोह में 7 पुलिसकर्मियों को परम विशिष्ट श्रेणी, 8 अधिकारियों को अति विशिष्ट श्रेणी तथा 86 अधिकारियों-कर्मचारियों को विशिष्ट श्रेणी का पुरस्कार दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सम्मान केवल पदक नहीं बल्कि कर्तव्यनिष्ठा, बहादुरी और समर्पण की पहचान है। उन्होंने कहा कि जिन पुलिसकर्मियों को यह सम्मान मिला है, उन्होंने जनता की सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने में असाधारण योगदान दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पद्म विभूषण केएफ रूस्तमजी के नाम पर दिए जाने वाले ये पुरस्कार युवाओं को सेवा, शांति और सुरक्षा की प्रेरणा देंगे।
साइबर अपराधों से मुकाबले में भी आगे एमपी पुलिस
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि बदलते दौर में अपराध का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। साइबर और डिजिटल अपराध बड़ी चुनौती बनकर सामने आए हैं, लेकिन मध्यप्रदेश पुलिस पूरी दक्षता और आधुनिक तकनीक के साथ इनसे मुकाबला कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश पुलिस लगातार तकनीकी रूप से मजबूत हो रही है और आधुनिक प्रशिक्षण के जरिए जवानों को नई चुनौतियों के लिए तैयार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि केएफ रूस्तमजी पुरस्कार अब हर वर्ष नियमित रूप से दिए जाएंगे।

नक्सलवाद के खिलाफ बड़ी सफलता
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस तरह केएफ रूस्तमजी ने प्रदेश से दस्यु समस्या खत्म करने में अहम भूमिका निभाई थी, उसी दिशा में आगे बढ़ते हुए मध्यप्रदेश अब नक्सलवाद की समस्या से मुक्त हो चुका है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि देशभर में नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ी गई है।

22 हजार से ज्यादा पुलिस भर्तियों का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने पुलिस भर्ती प्रक्रिया का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 और 2024 की भर्ती प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और वर्ष 2026 में सब इंस्पेक्टर सहित विभिन्न पदों पर नई भर्ती शुरू की जाएगी। राज्य सरकार ने 22 हजार 500 भर्तियों का लक्ष्य तय किया है।
उन्होंने कहा कि पुलिस बैंड के लिए भी भर्ती निकाली गई है और पुलिसकर्मियों के आवास, सुविधाओं तथा कार्य परिस्थितियों को बेहतर बनाने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। वहीं डीजीपी कैलाश मकवाना ने कहा कि सिंहस्थ 2028 को देखते हुए पुलिस बल को आधुनिक प्रशिक्षण देकर और अधिक सक्षम बनाया जा रहा है।
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