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सोमनाथ अमृत महोत्सव : आकाश में गूंजा गौरव और शौर्य का संदेश, सूर्यकिरण टीम के फ्लाईपास्ट ने मोहा मन

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May 11, 2026
10:04 AM
आकाश में गूंजा गौरव और शौर्य का संदेश, सूर्यकिरण टीम के फ्लाईपास्ट ने मोहा मन

गिर सोमनाथ। प्रथम ज्योतिर्लिंग भगवान सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 साल पूरे होने पर सोमनाथ अमृत पर्व-2026 का आयोजन किया। इस अवसर पर पर ऐसा दृश्य देखने को मिला जिसने हर भारतीय के मन में गर्व और उत्साह भर दिया। भारतीय वायुसेना की प्रतिष्ठित ‘सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम’ ने सोमनाथ मंदिर के ऊपर शानदार फ्लाईपास्ट कर आसमान को तिरंगे और केसरिया रंगों से सजा दिया।

प्रधानमंत्री मोदी ने इस भव्य आयोजन का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा करते हुए इसे “गौरव और शौर्य का अद्भुत संगम” बताया। उन्होंने कहा कि सूर्यकिरण टीम के विमानों ने मंदिर के ऊपर बेहद सटीक और आकर्षक हवाई करतब दिखाए, जिसमें दिल का आकार बनाना भी शामिल था। यह दृश्य भक्ति और शक्ति दोनों का प्रतीक बन गया।

जामनगर से सोमनाथ तक 18 मिनट का रोमांचक हवाई प्रदर्शन

जानकारी के अनुसार, सूर्यकिरण टीम के हॉक एमके-132 विमान जामनगर वायुसेना स्टेशन से रवाना हुए और लगभग 182 किलोमीटर की दूरी तय कर केवल 18 मिनट में सोमनाथ पहुंचे। इस दौरान पायलटों ने बेहद करीबी फॉर्मेशन में उड़ान भरते हुए कई कठिन और रोमांचक एरोबेटिक स्टंट प्रदर्शित किए।

विंग कमांडर जनमीत शर्मा ने बताया कि यह 15 से 18 मिनट का फ्लाईपास्ट पायलटों की उच्च स्तरीय दक्षता और समन्वय का उदाहरण था। यह प्रदर्शन दर्शकों के लिए बेहद रोमांचक और प्रेरणादायक रहा।

चेतक हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा, श्रद्धा और सम्मान का प्रतीक

कार्यक्रम के दौरान भारतीय वायुसेना के चेतक हेलीकॉप्टर ने भी मंदिर परिसर के ऊपर पुष्पवर्षा की, जिसने पूरे माहौल को और अधिक पवित्र और भावनात्मक बना दिया। यह दृश्य श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत आकर्षक रहा।

सरदार पटेल को श्रद्धांजलि और ऐतिहासिक महत्व

प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर सोमनाथ मंदिर में सरदार वल्लभभाई पटेल को भी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि पटेल की दूरदृष्टि और प्रयासों से ही इस ऐतिहासिक मंदिर का पुनर्निर्माण संभव हुआ। प्रधानमंत्री ने इसे भारत की सभ्यतागत विरासत और आध्यात्मिक निरंतरता का प्रतीक बताया।

सोमनाथ अमृत महोत्सव, 1951 में मंदिर के पुनर्निर्माण के उद्घाटन के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में मनाया गया। इस अवसर पर गुजरात के मुख्यमंत्री, संत, ट्रस्टी और कई वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। यह आयोजन भक्ति, वीरता और राष्ट्रीय गौरव का एक अद्भुत संगम बनकर सामने आया, जिसने हर भारतीय के दिल में गर्व की भावना को और मजबूत किया।

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एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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