धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान : MP के दूरदराज इलाकों में रोशन हुए 34 हजार घर, जनजातीय परिवारों तक पहुंची बिजली की स्थायी रोशनी

भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार ने प्रदेश के दूरस्थ और जनजातीय इलाकों में रहने वाले परिवारों तक बिजली पहुंचाने की दिशा में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि अब तक 34 हजार 163 दूरस्थ घरों, मजरों और टोलों को स्थायी बिजली कनेक्शन से जोड़ा जा चुका है। इनमें ऐसे इलाके भी शामिल हैं, जहां बिजली की सुविधा पहुंचाना भौगोलिक परिस्थितियों के कारण चुनौतीपूर्ण था।
तीनों बिजली कंपनियों के क्षेत्र में पहुंची रोशनी
ऊर्जा मंत्री के अनुसार पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अंतर्गत 19,630 घरों, पूर्व क्षेत्र में 980 और मध्य क्षेत्र में 4,732 घरों को बिजली से जोड़ा गया है। यह अभियान विशेष रूप से दूरस्थ जनजातीय बस्तियों को स्थायी विद्युत व्यवस्था उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध निदेशक अनूप कुमार सिंह ने बताया कि धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत मालवा-निमाड़ के अत्यंत दूरस्थ क्षेत्रों में बसे परिवारों को बिजली से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया गया।
पहाड़, नदी और जंगल के बीच पहुंची बिजली
इंदौर जिले के महू बिजली संभाग के अंतर्गत नदी के आसपास और पहाड़ी क्षेत्रों में स्थित 85 घरों, मजरों और टोलों तक बिजली पहुंचाई गई है। धार में 1,785, झाबुआ में 2,159, आलीराजपुर में 2,215, खंडवा में 1,501, खरगोन में 3,529, बड़वानी में 5,781 और बुरहानपुर में 705 घरों को बिजली सुविधा मिल चुकी है। इसी तरह उज्जैन के 52, शाजापुर के 10, रतलाम के बाजना, रावटी और सैलाना क्षेत्रों के दूरस्थ फलियों में 1,151 तथा देवास के दूरस्थ मजरों और टोलों के 1,230 घरों में बिजली की व्यवस्था पूरी की गई है।
1,300 किमी लाइन और दो हजार से ज्यादा ट्रांसफार्मर
अभियान के तहत दूरस्थ बस्तियों तक बिजली पहुंचाने के लिए 1,300 किलोमीटर 11 केवी लाइन, दो हजार से अधिक ट्रांसफार्मर और 2,423 किलोमीटर निम्नदाब लाइन की मंजूरी दी गई थी। इसमें करीब दो-तिहाई काम पूरा हो चुका है। अधिकारियों के अनुसार भारत सरकार की गाइडलाइन के तहत दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले जनजातीय परिवारों का सर्वे कराया गया। इसके बाद प्रत्येक बसाहट तक पहुंचकर आवश्यक बिजली अधोसंरचना विकसित की गई।
तीन महीने में बाकी काम पूरा करने का लक्ष्य
मालवा-निमाड़ क्षेत्र में ही अब तक करीब 20 हजार परिवारों को स्थायी बिजली कनेक्शन दिया जा चुका है। बिजली विभाग ने शेष काम को भी गति देने की तैयारी की है। अधिकारियों के मुताबिक बाकी कार्य अगले तीन महीनों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
इस अभियान से दूरस्थ जनजातीय परिवारों के घरों में स्थायी रोशनी पहुंचने के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजमर्रा की सुविधाओं तक उनकी पहुंच बेहतर होने की उम्मीद है।
प्रफुल्ल तिवारी
एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।
