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संसद सत्र खत्म, सियासी संग्राम शुरू : खरगे ने संसद न चलने का दोष पीएम-शाह पर मढ़ा, प्रियंका ने भी बोला तीखा हमला

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Aug 13, 2026
10:48 AM
खरगे ने संसद न चलने का दोष पीएम-शाह पर मढ़ा, प्रियंका ने भी बोला तीखा हमला

नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र गुरुवार को समाप्त हो गया। सत्ता पक्ष और विपक्ष के टकराव के बीच लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और राज्यसभा सभापति सीपी राधाकृष्णन ने दोनों सदनों को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने की घोषणा की। इसके बाद कांग्रेस नेताओं सरकार को अपने निशाने पर लेते तीखा हमला बोला है।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री यदि सदन में विपक्ष की बात सुनने के लिए मौजूद नहीं होंगे तो संसद की कार्यवाही का उद्देश्य ही कमजोर हो जाता है। खरगे ने आरोप लगाया कि सरकार लोकतंत्र को कमजोर करने और सांसदों का मनोबल तोड़ने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि सत्ता पक्ष को यह नहीं भूलना चाहिए कि संसद जनता के प्रतिनिधियों की संस्था है और सरकार को विपक्ष की बात सुननी चाहिए।

प्रियंका ने शाह की मौजूदगी पर उठाए सवाल

प्रियंका गांधी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि गृह मंत्री आज संसद आए, लेकिन सिर्फ वंदे मातरम गाने के लिए। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री सदन में उपस्थित नहीं रहेंगे तो संसद और लोकतंत्र कैसे चलेगा। कांग्रेस लगातार सरकार के शीर्ष नेतृत्व की सदन में मौजूदगी को लेकर सवाल उठाती रही है। प्रियंका का यह बयान ऐसे समय आया है, जब मानसून सत्र के दौरान कई मुद्दों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखा टकराव देखने को मिला।

जयराम रमेश ने व्यापम से जोड़ा नीट मुद्दा

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने नीट विवाद को 2015 के व्यापम मामले से जोड़ते हुए सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि 11 साल पहले व्यापम विवाद के कारण मानसून सत्र प्रभावित हुआ था और अब 2026 में भी युवाओं से जुड़ा गंभीर मुद्दा संसद के सामने है। उन्होंने दावा किया कि वर्षों बाद भी युवाओं से जुड़े सवालों पर सरकार की जवाबदेही को लेकर वही स्थिति बनी हुई है।

राजद सांसदों ने भी सरकार पर तीखा हमला

राजद सांसद संजय यादव ने भी केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि कई विधेयक बिना पर्याप्त बहस और चर्चा के पारित किए गए। उन्होंने कहा कि सरकार संसद में सकारात्मक संवाद और रचनात्मक आलोचना के लिए तैयार नहीं है।

राजद सांसद ने आरोप लगाया कि बिना पर्याप्त चर्चा के विधेयक पारित करना उन मतदाताओं का अपमान है, जिन्होंने अपने प्रतिनिधियों को संसद में भेजा है। विपक्ष ने जंतर-मंतर पर छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई सहित कई मुद्दों पर भी सरकार से जवाब मांगा। मानसून सत्र के समापन के साथ अब राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज होने के आसार हैं।

प्रफुल्ल तिवारी
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प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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