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डिग्री मंजिल नहीं, नई जिम्मेदारियों की शुरुआत : दीक्षांत समारोह से रक्षा मंत्री का युवाओं को बड़ा संदेश, ‘हेड, हार्ट और हैंड’ के विकास पर दिया जोर

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Aug 29, 2026
10:24 AM
दीक्षांत समारोह से रक्षा मंत्री का युवाओं को बड़ा संदेश, ‘हेड, हार्ट और हैंड’ के विकास पर दिया जोर

लखनऊ। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शनिवार को बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में शामिल हुए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रक्षामंत्री ने युवाओं से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि शिक्षा का मकसद केवल डिग्री हासिल करना नहीं है। वास्तविक शिक्षा वही है, जो व्यक्ति में सोचने की क्षमता के साथ संवेदनशीलता, संस्कार और समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना पैदा करें।

डिग्री को मंजिल नहीं, नई शुरुआत मानें

राजनाथ सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि दीक्षांत समारोह में मिलने वाली उपाधि जीवन की अंतिम उपलब्धि नहीं, बल्कि नई संभावनाओं का द्वार है। युवाओं को समस्याओं पर चर्चा करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उनके समाधान खोजने की क्षमता विकसित करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सफलता का आकलन केवल वेतन या व्यक्तिगत उपलब्धियों से नहीं, बल्कि समाज और देश पर पड़ने वाले सकारात्मक प्रभाव से होना चाहिए।

रक्षा मंत्री ने शिक्षा के तीन महत्वपूर्ण पहलुओं का उल्लेख करते हुए कहा कि व्यक्ति के ‘हेड, हार्ट और हैंड’ यानी विचार, संवेदना और कार्यक्षमता का समान विकास जरूरी है। ज्ञान के साथ संस्कार और संवेदनशीलता जुड़ने पर ही एक मजबूत व्यक्तित्व तैयार होता है।

अंबेडकर के जीवन से सीखने की अपील

डॉ. भीमराव अंबेडकर के जीवन का उल्लेख करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि उन्होंने भेदभाव और अन्याय का सामना किया, लेकिन हिंसा का रास्ता नहीं चुना। उन्होंने शिक्षा को परिवर्तन का माध्यम बनाया। राजनाथ सिंह ने विद्यार्थियों को अंबेडकर के संदेश ‘शिक्षित बनो, संघर्ष करो और संगठित हो’ को जीवन में अपनाने की सलाह दी।

उन्होंने युवाओं से कहा कि वे केवल नौकरी तलाशने वाले नहीं, बल्कि रोजगार पैदा करने वाले बनें। ऐसे सपने देखें, जिनमें व्यक्तिगत सफलता के साथ देश का हित भी शामिल हो।

भारत की बढ़ती ताकत का किया उल्लेख

राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत आज आर्थिक मजबूती के साथ अपनी सभ्यता और सांस्कृतिक विरासत पर विश्वास करने वाला देश बन रहा है। उन्होंने कहा कि ‘मेक इन इंडिया’ की सफलता के पीछे ‘बिलीव इन इंडिया’ का आत्मविश्वास है। अंतरिक्ष क्षेत्र का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि कभी भारत के रॉकेट साइकिल और बैलगाड़ी से ले जाए जाते थे, जबकि आज देश मंगल तक पहुंच चुका है और अंतरिक्ष में नए मिशनों की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

2047 के भारत में युवाओं की बड़ी भूमिका

रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत नवाचार, स्टार्टअप, तकनीक और विनिर्माण के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने वैश्विक नवाचार सूचकांक में भारत की बेहतर स्थिति और देश के मजबूत स्टार्टअप तंत्र का उल्लेख किया। युवाओं से टीमवर्क और सहयोग की भावना के साथ आगे बढ़ने की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि प्रत्येक युवा को खुद को ‘टीम इंडिया’ का हिस्सा मानना चाहिए।

राजनाथ सिंह ने विश्वास जताया कि आज के प्रतिभाशाली युवाओं के रहते भारत को दुनिया की महाशक्ति बनने से कोई रोक नहीं सकता। उन्होंने विद्यार्थियों को उपाधि प्राप्त करने पर बधाई देते हुए न्याय, समानता, स्वतंत्रता, संस्कृति और राष्ट्रसेवा के मूल्यों को जीवन का आधार बनाने का संदेश दिया।

प्रफुल्ल तिवारी
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प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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