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हल्द्वानी के ‘शुद्धिकरण’ से सियासत, : राहुल ने भाजपा-संघ पर बोला तीखा हमला, पीएम को पत्र लिख की यह मांग, जानें क्या है मामला

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Aug 29, 2026
08:23 AM
राहुल ने भाजपा-संघ पर बोला तीखा हमला, पीएम को पत्र लिख की यह मांग, जानें क्या है मामला

नई दिल्ली। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के उत्तराखंड के हल्द्वानी दौरे से जुड़े एक कथित घटनाक्रम का हवाला देते हुए कहा कि जिस रामलीला मैदान में खड़गे ने संबोधन किया था, वहां बाद में ‘शुद्धिकरण’ किए जाने की बात सामने आई। राहुल गांधी ने इसे गंभीर मामला बताते हुए प्रधानमंत्री से हस्तक्षेप करने और प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग की।

‘शुद्धिकरण’ को लेकर उठाए सवाल

राहुल गांधी ने कहा कि यदि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ इस तरह का व्यवहार किया जा सकता है, तो देश के आम नागरिकों, विशेषकर दलित समुदाय के लोगों के साथ भेदभाव की स्थिति कितनी गंभीर हो सकती है, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।

उन्होंने कथित शुद्धिकरण की रस्म को छुआछूत की मानसिकता से जोड़ते हुए कहा कि किसी व्यक्ति के वहां आने के बाद स्थान को शुद्ध करना उस व्यक्ति को अशुद्ध समझने की सोच को दर्शाता है। राहुल ने इसे संविधान की भावना के विपरीत बताते हुए दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।

दलितों से भेदभाव के कई उदाहरण गिनाए

नेता प्रतिपक्ष ने दावा किया कि सामाजिक भेदभाव केवल गांवों तक सीमित नहीं है, बल्कि शहरों में भी इसके उदाहरण सामने आते हैं। उन्होंने पानी के स्रोतों तक पहुंच रोकने, चाय की दुकानों पर अलग कप दिए जाने और अन्य सामाजिक भेदभाव का उल्लेख किया।

राहुल गांधी ने कहा कि संविधान ने छुआछूत को गैरकानूनी घोषित किया है, लेकिन इसके बावजूद देश के विभिन्न हिस्सों से दलितों के साथ भेदभाव की खबरें आती रहती हैं। उन्होंने विद्यालयों में दलित बच्चों से सफाई कराने जैसी घटनाओं का भी उल्लेख किया।

राजस्थान की घटना का भी किया जिक्र

राहुल गांधी ने राजस्थान और उत्तराखंड से जुड़े कथित मामलों का उल्लेख करते हुए कहा कि मंदिर में किसी दलित नेता या व्यक्ति के जाने के बाद कथित रूप से शुद्धिकरण किया जाना गंभीर सामाजिक समस्या की ओर इशारा करता है।

उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं को केवल राजनीतिक विवाद के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि इनके पीछे मौजूद सामाजिक मानसिकता पर सवाल उठना जरूरी है।

प्रधानमंत्री से कार्रवाई की मांग

राहुल गांधी ने केंद्र सरकार से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के साथ उसकी जाति या सामाजिक पहचान के आधार पर भेदभाव किया जाता है, तो कानून के तहत कार्रवाई होनी चाहिए।

उन्होंने भाजपा और आरएसएस पर निशाना साधते हुए कहा कि देश में समानता और सम्मान की संवैधानिक भावना को मजबूत करने के लिए ऐसी कथित घटनाओं पर स्पष्ट और सख्त कार्रवाई जरूरी है।

प्रफुल्ल तिवारी
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प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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