पाकिस्तान क्रिकेट में सियासी तूफान : इमरान के बेटों ने इंटरव्यू खोली पोल, मैच बहिष्कार की खबरों पर मुख्य कोच ने दी सफाई

नई दिल्ली। इंग्लैंड में जारी टेस्ट मुकाबले के बीच पाकिस्तान क्रिकेट से जुड़ा एक विवाद अचानक सुर्खियों में आ गया। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पूर्व कप्तान इमरान खान के बेटों सुलेमान और कासिम खान के एक टेलीविजन साक्षात्कार को लेकर दोनों देशों के क्रिकेट बोर्ड के बीच तनातनी की खबरें सामने आईं। यहां तक चर्चा होने लगी कि यदि यह साक्षात्कार प्रसारित किया गया तो पाकिस्तान की टीम मैदान पर उतरने से इनकार कर सकती है। अब पाकिस्तान टीम के मुख्य प्रशिक्षक सरफराज अहमद ने इन तमाम अटकलों पर स्थिति साफ कर दी है।
कोच ने विवाद से खुद को किया अलग
सरफराज अहमद से जब इस पूरे मामले को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि उन्हें दोनों बोर्ड के बीच कथित विवाद के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका पूरा ध्यान टेस्ट मैच पर था और टीम का भी ध्यान क्रिकेट से हटकर किसी अन्य मुद्दे पर नहीं था। मैच के बहिष्कार से जुड़ी खबरों को लेकर सरफराज ने बेहद स्पष्ट शब्दों में इनकार किया। उन्होंने कहा कि ऐसा कुछ भी नहीं हुआ और न ही खिलाड़ियों के बीच इस तरह की कोई चर्चा थी।
इंटरव्यू प्रसारित होते समय क्या कर रही थी पाकिस्तानी टीम?
कोच के मुताबिक, जिस समय माइकल एथर्टन द्वारा लिया गया यह साक्षात्कार प्रसारित किया जा रहा था, उस वक्त पाकिस्तानी खिलाड़ी आराम से भोजन कर रहे थे। टीम को इस बात की भी जानकारी नहीं थी कि इंटरव्यू को लेकर बाहर किस तरह की चर्चाएं चल रही हैं। इस बयान के बाद उन खबरों पर सवाल उठने लगे, जिनमें दावा किया गया था कि साक्षात्कार प्रसारित होने पर पाकिस्तान टीम मुकाबले का बहिष्कार कर सकती है।
इमरान खान की स्थिति पर बेटों ने जताई चिंता
पूर्व इंग्लिश कप्तान माइकल एथर्टन ने स्काई स्पोर्ट्स के लिए सुलेमान और कासिम खान से बातचीत की थी। करीब 18 मिनट के इस साक्षात्कार में दोनों ने जेल में बंद अपने पिता इमरान खान की स्थिति, स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर अपनी चिंताएं सामने रखीं। ब्रिटेन में यह बातचीत प्रसारित हुई, जबकि पाकिस्तान के सरकारी प्रसारक ने इसे टेलीविजन पर नहीं दिखाया। उसकी जगह प्रसारण के दौरान विज्ञापन चलाए गए।
विवाद के बावजूद जारी रहा पाकिस्तान का मुकाबला
इंटरव्यू को लेकर चर्चाओं और बायकॉट की अफवाहों के बीच पाकिस्तान टीम ने अपना टेस्ट मैच जारी रखा। कोच सरफराज के बयान से इतना स्पष्ट है कि टीम के स्तर पर मुकाबले का बहिष्कार करने जैसी कोई योजना नहीं थी। इस पूरे घटनाक्रम ने क्रिकेट और राजनीति के बीच बढ़ती संवेदनशीलता को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। हालांकि, पाकिस्तान टीम प्रबंधन ने साफ कर दिया है कि खिलाड़ियों का ध्यान मैदान पर प्रदर्शन और टेस्ट मुकाबले पर ही केंद्रित था।
प्रफुल्ल तिवारी
एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।
