मप्र परिवहन में नई क्रांति : सीएम मोहन ने विजन समिट 2026 का किया आगाज, एआई टिकटिंग से लेकर इलेक्ट्रिक-हाइड्रोजन बसों तक आधुनिक परिवहन पर मंथन

इंदौर। मध्यप्रदेश में परिवहन व्यवस्था को आधुनिक, सुरक्षित, सुगम और पर्यावरण-अनुकूल बनाने की दिशा में इंदौर में शुक्रवार को दो दिनी यात्री परिवहन विजन समिट 2026 का आयोजन किया गया। ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित हो रही समिट का शुभारंभ मुख्यमंत्री डाॅ. मोहन यादव ने किया। इस दौरान परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
समिट का मुख्य फोकस का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में ऐसा समग्र मोबिलिटी इकोसिस्टम विकसित करना है, जिसमें यात्रियों को बेहतर सुविधाएं, सुरक्षित सफर और आधुनिक तकनीक आधारित परिवहन सेवाएं उपलब्ध हो सकें।
प्रदेश में 5 लाख किलोमीटर का सड़क नेटवर्क
समिट के शुभारंभ सत्र को संबोधित करते हुए सीएम ने कहा कि मध्य प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन की जरूरत लगातार बढ़ रही है। प्रदेश में 15 हजार से अधिक बसें और करीब 5 लाख किलोमीटर का सड़क नेटवर्क है। वहीं धार्मिक पर्यटन में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। अकेले उज्जैन में बीते समय में करीब 8 करोड़ श्रद्धालु पहुंचे हैं। ऐसे में आने वाले समय में सुगम, सुरक्षित और बेहतर सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था जरूरी होगी।

सीएम ने धार्मिक पर्यटन में बढ़ोतरी का किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने धार्मिक पर्यटन में बढ़ोतरी का जिक्र करते हुए कहा कि पहले उज्जैन में सालभर में 60-70 लाख श्रद्धालुओं का पहुंचना बड़ी उपलब्धि माना जाता था। लेकिन अब पर्यटन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, बीते समय में अकेले उज्जैन में धार्मिक पर्यटन के लिए करीब 8 करोड़ लोग पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि धार्मिक पर्यटन के बढ़ने से सार्वजनिक परिवहन की जरूरत भी बढ़ी है। सुगम और सुरक्षित परिवहन व्यवस्था आम लोगों के साथ पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को भी गति देगी।
पीपीपी मॉडल और ग्रीन परिवहन पर फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार आधुनिक, सुरक्षित और ग्रीन परिवहन व्यवस्था पर काम कर रही है। इसका फोकस पीपीपी मॉडल, आधुनिक आईटी सिस्टम और हरित ऊर्जा आधारित परिवहन पर रहेगा। मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के तहत प्रदेश की यात्री परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने की तैयारी है।

समिट में एमपी मोबिलिटी विजन-2030, पीपीपी मॉडल से निवेश, यात्री सुरक्षा, एआई आधारित रूट प्लानिंग, ग्रीन मोबिलिटी और एकीकृत टिकटिंग सिस्टम सहित 8 विषयों पर चर्चा होगी। इलेक्ट्रिक, हाइड्रोजन और फ्लेक्स-फ्यूल बसों तथा चार्जिंग-रिफ्यूलिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी विशेषज्ञ सुझाव देंगे।
देशभर के विशेषज्ञ ले रहे हिस्सा
समिट में सार्वजनिक परिवहन से जुड़े आठ प्रमुख विषयों पर चर्चा होगी। कार्यक्रम में देशभर से नीति निर्माता, परिवहन विशेषज्ञ, निजी बस ऑपरेटर, बस निर्माता कंपनियां, टेक्नोलॉजी कंपनियां, निवेशक और इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र के प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं। वोल्वो, आयशर और टाटा जैसी प्रमुख बस निर्माता कंपनियों की भागीदारी से समिट में उद्योग जगत की भूमिका भी महत्वपूर्ण बनी है।
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