सागर में 30 मौतों के बाद शराब के खिलाफ फूटा गुस्सा : शिवपुरी में महिलाओं का ‘ऑपरेशन शराबबंदी’, सड़क पर बहाई सैकड़ों बोतल शराब

शिवपुरी। सागर जिले के बंडा क्षेत्र में जहरीली शराब जमकर तांडव मचाया है। इस शराब के सेवन से अब तक जहां 30 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं कई लोग अस्पताल में भर्ती हैं। इस घटना ने आम आदमी को झकझोर कर रख दिया है। इतना ही नहीं, इसका आक्रोश सड़क पर भी दिखाई देने लगा है। शिवपुरी में शराब के खिलाफ महिलाएं सड़क पर उतर आई है। लाठी-डंडे लेकर सड़क पर आई महिलाओं ने जहां मानपुर में शराब की पेटियों को पटककर बोतलों को चकनाचूर कर दिया। वहीं थाने के बाहर प्रदर्शन भी किया। जिसका वीडियो सोशल मीडिया में भी वायरल हो रहा है।
बताया जा रहा है कि अमोल गांव में बड़ी संख्या में महिलाएं लाठी-डंडे लेकर शराब दुकान बंद कराने पहुंचीं, जहां पुलिस और आबकारी अमले की मौजूदगी के बीच हालात अचानक बेकाबू हो गए। देखते ही देखते प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की से लेकर मारपीट तक की स्थिति बन गई। महिलाओं पर पुलिसकर्मियों और आबकारी कर्मचारियों के साथ मारपीट करने के आरोप लगे हैं। वहीं मनपुरा में भी महिलाओं ने शराब की बोतलें सड़क पर पटककर अपना आक्रोश जाहिर किया।
स्कूल-मंदिर और अस्पताल के पास शराब दुकान का विरोध
ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में संचालित शासकीय शराब दुकान स्कूल, हनुमान मंदिर और अस्पताल के बेहद करीब है। ग्रामीणों का कहना है कि दिन में लाइसेंसी शराब की बिक्री होती है, जबकि शाम होते ही इसी की आड़ में कथित तौर पर कच्ची और अवैध शराब की बिक्री शुरू हो जाती है। इससे गांव का माहौल खराब होने और युवाओं के नशे की गिरफ्त में जाने की शिकायत ग्रामीण लंबे समय से कर रहे हैं।
लाठीचार्ज के बाद भड़का आक्रोश
प्रदर्शन की सूचना पहले से मिलने के कारण पुलिस और आबकारी विभाग की टीम मौके पर मौजूद थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार महिलाओं ने दुकान हटाने की मांग को लेकर विरोध शुरू किया। इसी दौरान भीड़ में शामिल कुछ युवकों पर पुलिस द्वारा हल्का लाठीचार्ज किए जाने की बात सामने आई। इसके बाद स्थिति अचानक बिगड़ गई और महिलाओं ने पुलिसकर्मियों को घेर लिया। देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच टकराव की स्थिति बन गई।
मनपुरा में शराब की बोतलों पर बरसा महिलाओं का गुस्सा
भौंती थाना क्षेत्र के मनपुरा में भी महिलाओं का आक्रोश देखने को मिला। यहां महिलाओं ने शासकीय शराब दुकान में पहुंचकर अंदर रखी शराब की पेटियां बाहर निकालीं और सड़क पर पटककर बड़ी संख्या में बोतलें फोड़ दीं। इसके बाद महिलाओं का जत्था मनपुरा से पैदल नयाखेड़ा गांव पहुंचा, जहां कथित रूप से अवैध शराब बेची जा रही थी। महिलाओं के पहुंचने की भनक लगते ही दुकान संचालक शटर गिराकर मौके से फरार हो गया।
थाने के बाहर बोतलें फोड़ीं, कार्रवाई की मांग
नयाखेड़ा से महिलाएं पैदल मार्च करते हुए भौंती थाने पहुंचीं। यहां मुख्य द्वार के सामने शराब की बोतलें फोड़कर जोरदार नारेबाजी की। महिलाओं ने साफ कहा कि जब तक गांवों में शराब की बिक्री पूरी तरह बंद नहीं होती, उनका आंदोलन जारी रहेगा।
पुलिस बोली- उपद्रवियों की होगी पहचान
शिवपुरी एसपी यांगचेन डोलकर भूटिया ने कहा कि पुलिस को सूचना मिली थी कि ग्रामीण ज्ञापन देने आएंगे, लेकिन भीड़ में कुछ उपद्रवी तत्व शामिल हो गए और उन्होंने महिलाओं को भड़काकर स्थिति बिगाड़ दी। एएसपी आरडी प्रजापति के मुताबिक मौके पर अमोलपठा चैकी का बल मौजूद था, लेकिन अचानक करीब 200 लोगों की भीड़ उग्र हो गई। उन्होंने कहा कि कानून हाथ में लेने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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