पार्वती नदी जलावर्धन योजना : श्योपुर में करोड़ों की योजना ठेकेदारों और अधिकारियों की लापरवाही से बर्बाद हो रही है

संवाददाता गोविन्द गर्ग ,श्योपुर
श्योपुर: मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले में सरकार की अरबों रुपए की महत्वाकांक्षी पार्वती नदी जलावर्धन योजना सवालों के घेरे में है। आरोप है कि ठेकेदारों और विभागीय अधिकारियों की लापरवाही से इस योजना को जमकर लूटा जा रहा है।शहर में पाइपलाइन बिछाने के नाम पर सड़कों को इस तरह खोदा गया कि पूरी सीसी सड़कें तबाह हो गईं। हैरानी की बात ये है कि जहां कटर मशीनों का इस्तेमाल होना चाहिए था, वहां जेसीबी और वाइब्रेटर मशीनों से सड़कें उखाड़ दी गईं।श्योपुर नगर पालिका के सभी 23 वार्डों में हालात एक जैसे हैं—सड़कें उखड़ी हुई हैं और अब मरम्मत के लायक भी नहीं बची हैं। इतना ही नहीं, श्योपुर को बड़ौदा कस्बे से जोड़ने वाला हाइवे भी इस खुदाई से अछूता नहीं रहा।वहीं पाइपलाइन की गुणवत्ता पर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं। लोगों को डर है कि करोड़ों खर्च होने के बावजूद उन्हें सही तरीके से पानी भी नहीं मिल पाएगा।इससे पहले भी चंबल सूक्ष्म सिंचाई परियोजना पर 150 करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च किए जा चुके हैं, लेकिन आज तक किसानों को पानी नहीं मिला। ऐसे में लोगों को आशंका है कि ये नई योजना भी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ सकती है। मामले को लेकर संजय मंगल ने शिकायत की हैउनका कहना है कि जो कामचल रहा है ये सरकार की महत्वपूर्ण योजना है लेकिन ठेकेदारों की लापरवाही के चलते पूरी योजना बर्बाद हो रही है घटिया पाइपलाइन डाली जा रही है अधिकारियों की बैठक में ये आश्वासन दिया कि वो गड़बड़ी हुई है उसकी जांच कराई जाएगी..लेकिन साल बीत गए लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं हुई वहीं अब तक पानी का कोई अता पता नहीं जिसके चलते शगहवासियों को जलावर्धन योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है.वहीं सरकारी की मंशा पर पानी भी फिर रहा करोड़ों की योजना भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रही है.शिकायत मिलने के बाद नगर पालिका के सीएमओ ने भी इस पर आपत्ति जताई है।उनका कहना है कि जेसीबी मशीन से खुदाई की जा रही है वहीं पाइप लाइन डालने के लिए सड़क को खोदा जा रहा है हर तरफ सड़क पर मिट्टी का ढेर लगा हुआ है कई तरह की समस्या उत्पन्न हो रही हैं रहवासियों को चलने में समस्या हो रही हैं.ठेकेदार को समझाइश दी गई है कि जो भी खुदाई करें उसके बाद पूरी सफाई करें कच्ची रोड है इसलिए सफाई सही तरह से करें जिससे आमजन को परेशानी न उठानी पड़े.लेकिन ठेकेदारों की लापरवाही के चलते योजनाओं को देरी हो रही है और काम देरी न करें.
बताया जाता है कि श्योपुर की पार्वती परियोजना मुख्य रूप से शहर की पेयजल समस्या को हल करने के लिए पार्वती नदी से पानी लाने की एक बड़ी जलावर्धन योजना है। लगभग ₹177 करोड़ की लागत से बनने वाली इस परियोजना में पार्वती नदी से पानी लाकर श्योपुर शहर में 9 टंकियों के माध्यम से 15,000 घरों तक नल से जल पहुंचाने का लक्ष्य है।
परियोजना के मुख्य विवरण:
उद्देश्य: श्योपुर शहर और बड़ौदा नगर में पानी की किल्लत का स्थायी समाधान।
स्रोत: पार्वती नदी।
काम: पाइपलाइन बिछाना, पानी के पंप, और टंकियों का निर्माण।
लागत: लगभग ₹177 करोड़
नीलम अहिरवार
17 साल से टीवी और डिजिटल की दुनिया में सक्रिय। एंटरटेनमेंट, करंट अफेयर्स और पब्लिक कनेक्ट खबरों की धुरंधर। बॉलीवुड की हरकतों को दुनिया तक पहुंचाने में खास दिलचस्पी।
