भारत-अमेरिका व्यापार समझौता अंतिम चरण में : अमेरिकी राजदूत का दावा- 99 फीसदी फाइनल हो चुका है ट्रेड एग्रीमेंट

वॉशिंगटन। भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से प्रस्तावित बहुप्रतीक्षित व्यापार समझौता अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है। भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने दावा किया कि समझौते का 98 से 99 प्रतिशत कानूनी मसौदा तैयार हो चुका है और अब केवल 1 से 2 प्रतिशत मुद्दों पर बातचीत जारी है। उन्होंने यह जानकारी वॉशिंगटन में आयोजित यूएस-इंडिया स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप फोरम (USISPF) के शिखर सम्मेलन में दी। गोर ने भरोसा जताया कि दोनों देशों के बीच यह ऐतिहासिक समझौता जल्द ही अंतिम रूप ले सकता है।
सर्जियो गोर ने बताया कि इस व्यापार समझौते पर पिछले लगभग 18 महीनों से लगातार काम चल रहा है। हालांकि बीच में सुप्रीम कोर्ट के एक हस्तक्षेप के कारण प्रक्रिया कुछ समय के लिए धीमी पड़ गई थी। हाल ही में अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ली ग्रीर की नई दिल्ली यात्रा के बाद वार्ता ने फिर गति पकड़ ली है। गोर ने कहा कि जहां यूरोपीय देशों के साथ ऐसे समझौतों में कई बार 15 से 20 वर्ष लग जाते हैं, वहीं भारत के साथ रिकॉर्ड समय में इतनी बड़ी प्रगति दोनों देशों के मजबूत रिश्तों का प्रमाण है।
भारत बना अमेरिका का बड़ा निवेश और व्यापार साझेदार
राजदूत ने बताया कि नई दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास ने इस वर्ष अमेरिका में 20.5 अरब डॉलर के नए निवेश को आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि यह आंकड़ा यूरोप के कई बड़े देशों से भी अधिक है। भारत अब अमेरिका को वस्तुओं और सेवाओं का सबसे बड़ा निर्यातक साझेदार बनकर उभर रहा है। दोनों देशों ने मिलकर द्विपक्षीय व्यापार को 500 अरब डॉलर तक पहुंचाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है।
भारत के लिए ट्रंप के मन में विशेष सम्मान
सर्जियो गोर ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ हुई अपनी मुलाकात का जिक्र करते हुए कहा कि ट्रंप भारत के साथ संबंधों को बेहद अहम मानते हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति अपनी पिछली भारत यात्रा को आज भी याद करते हैं और भविष्य में दोबारा भारत आने के इच्छुक हैं। गोर ने बताया कि आने वाले समय में दोनों देश कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रक्षा, सेमीकंडक्टर, उन्नत तकनीक और रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे।
भारत-अमेरिका रिश्तों पर अफवाह फैलाने वालों को जवाब
भारत-अमेरिका संबंधों में खटास की अटकलों को खारिज करते हुए सर्जियो गोर ने कहा कि अमेरिका दुनिया के किसी भी अन्य साझेदार की तुलना में भारत के साथ सबसे अधिक संयुक्त सैन्य अभ्यास करता है। उन्होंने कहा कि व्यापार, रक्षा, तकनीक और लोगों के बीच मजबूत संपर्क दोनों देशों की साझेदारी की असली ताकत हैं। अब दोनों सरकारें बचे हुए कानूनी मुद्दों को जल्द सुलझाकर समझौते को लागू करने की दिशा में काम कर रही हैं।
क्वाड बैठक पर बड़ा अपडेट, हिंद-प्रशांत में और मजबूत होगा गठबंधन
सर्जियो गोर ने क्वाड को लेकर भी बड़ा खुलासा किया। उन्होंने बताया कि लगभग दो सप्ताह के भीतर फिलीपींस में भारत, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान के विदेश मंत्रियों की महत्वपूर्ण बैठक होगी। यह बैठक हिंद-प्रशांत क्षेत्र में रणनीतिक सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में अहम मानी जा रही है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि वर्ष के अंत तक क्वाड नेताओं का शिखर सम्मेलन भी आयोजित हो सकता है। गोर के अनुसार, चारों देश समुद्री सुरक्षा, नई तकनीकों, साइबर सुरक्षा और मानवीय सहायता जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जिससे क्षेत्रीय शांति और स्थिरता को नई मजबूती मिलेगी।
प्रफुल्ल तिवारी
एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।
