भोपाल में शिक्षक भर्ती पर उबाल : आंदोलनकारी की गिरफ्तारी पर अभ्यर्थी भूख हड़ताल पर, दिग्गी ने दी चेतावनी, राखी लेकर धरने पर बैठीं महिलाएं

भोपाल। राजधानी भोपाल में शिक्षक भर्ती परीक्षा 2025 में पदवृद्धि को की मांग को लेकर अभ्यर्थियों का आक्रोश भड़क गया है। बीते एक सप्ताह से नीलम पार्क में जारी आंदोलन को लेकर अभ्यर्थियों का गुस्सा तब और भड़क गया, जब भूख आंदोलन पर बैठे अभ्यर्थी नरेन्द्र राजपूत को अचानक पुलिस उठा ले गई। इसके विरोध में जहां तीन अभ्यर्थियों ने भूख हड़ताल शुरू कर दी है। वहीं कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह और पीसी शर्मा नीलम पार्क पहुंच गए हैं। इतना ही नहीं उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर अभ्यर्थियों की मांग नहीं मानी गई तो आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।
आंदोलन से भावुक तस्वीर भी सामने आई है। दो महिला अभ्यर्थी राखी लेकर धरने पर बैठ गईं और ऐलान किया कि वे रक्षाबंधन भी नीलम पार्क में ही मनाएंगी। अभ्यर्थियों का आरोप है कि वर्ग-2 और वर्ग-3 में पदों की संख्या बेहद कम रखकर हजारों योग्य उम्मीदवारों के भविष्य पर संकट खड़ा किया जा रहा है। उनका कहना है कि सरकार जब तक पदवृद्धि पर लिखित आश्वासन नहीं देती, तब तक आंदोलन किसी कीमत पर खत्म नहीं होगा। अब यह प्रदर्शन सिर्फ भर्ती की मांग नहीं, बल्कि हजारों युवाओं के भविष्य की लड़ाई बन चुका है।

दिग्विजय सिंह ने दी सरकार को चेतावनी
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा कि यदि शिक्षक दिवस तक पदवृद्धि की मांग पूरी नहीं हुई तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे। उन्होंने आंदोलनकारियों के साथ 24 घंटे की भूख हड़ताल पर बैठने की चेतावनी भी दी। दिग्विजय सिंह ने सरकार पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि जब लाड़ली बहनों की पुकार सुनी जाती है तो शिक्षक अभ्यर्थियों की आवाज क्यों नहीं सुनी जा रही है।
पीसी शर्मा का बीजेपी पर बड़ा आरोप
पीसी शर्मा ने आरोप लगाया कि प्रदेश में शिक्षकों की भारी कमी है, इसके बावजूद सरकार योग्य अभ्यर्थियों को पर्याप्त अवसर नहीं दे रही। उन्होंने कहा कि प्रदेश में शिक्षकों के अलग-अलग वर्गों की रिक्तियों को देखें तो कमी का आंकड़ा दो लाख से अधिक पहुंच सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि खाली पदों पर गड़बड़ी कर बीजेपी कार्यकर्ताओं को लाभ पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।
बीजेपी बोली- बातचीत से निकलेगा समाधान
वहीं बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता बीएल लोया ने आंदोलन खत्म कर सरकार से बातचीत करने की अपील की। उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार संवेदनशील है और लगातार भर्तियां की जा रही हैं। उनके मुताबिक नीतिगत निर्णय के जरिए जल्द समाधान निकाला जाएगा।
इधर, वर्ग-1 में पदवृद्धि की मांग को लेकर वेटिंग शिक्षकों का आंदोलन भी जारी है। आमरण अनशन पर बैठी कीर्ति की तबीयत बिगड़ने की बात सामने आई है। ऐसे में शिक्षक भर्ती का मुद्दा अब सरकार के लिए लगातार बढ़ती चुनौती बनता जा रहा है।
प्रफुल्ल तिवारी
एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।
