जब स्वयं महाकाल बने भाई : बाबा के चरणों में सजी पहली राखी, भस्म आरती में निभाई गई अनूठी परंपरा, जयकारों से गूंजा उज्जैन

उज्जैन। भगवान महाकाल की नगरी उज्जैन में रक्षाबंधन का पर्व शुक्रवार को श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया। सावन शुक्ल पूर्णिमा के पावन अवसर पर विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में सबसे पहले बाबा महाकाल को राखी अर्पित कर रक्षाबंधन पर्व की शुरुआत की गई। धार्मिक मान्यता है कि ब्रह्मांड के अधिपति बाबा महाकाल को पहली राखी बांधने के बाद ही उज्जैन में बहनें अपने भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधती हैं।
भस्म आरती में दिखा दिव्य स्वरूप
शुक्रवार तड़के भस्म आरती के दौरान मंदिर में विशेष धार्मिक अनुष्ठान हुए। इससे पूर्व भगवान महाकाल का पंचामृत से अभिषेक किया गया। दूध, दही, घी, शहद और शर्करा से अभिषेक के बाद बाबा महाकाल का भांग, चंदन और सूखे मेवों से मनोहारी शृंगार किया गया। इसके बाद उन्हें नवीन वस्त्र धारण कराकर दिव्य स्वरूप में सजाया गया।
भस्म आरती के प्रारंभ में महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से बाबा महाकाल को भस्म अर्पित की गई। इस दौरान मंदिर परिसर में आध्यात्मिक वातावरण और भी गहरा हो गया। मान्यता है कि भस्म अर्पण के बाद बाबा महाकाल निराकार से साकार स्वरूप में भक्तों को दर्शन देते हैं।
पुजारी परिवार की महिलाओं ने बांधी राखी
रक्षाबंधन की विशेष परंपरा के तहत पुजारी परिवार की महिलाओं द्वारा तैयार की गई पवित्र राखी बाबा महाकाल को अर्पित की गई। जैसे ही राखी बाबा की कलाई पर सजी, मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं ने श्रद्धा से जयकारे लगाए। भक्तों के लिए यह क्षण आस्था और भावनाओं से भरा रहा।
सवा लाख लड्डुओं का भोग, भक्तों में बंटा प्रसाद
इस पावन अवसर पर बाबा महाकाल को सवा लाख लड्डुओं का विशेष भोग लगाया गया। भस्म आरती के पश्चात यह प्रसाद बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं में वितरित किया गया। मंदिर परिसर में हर ओर भक्ति का वातावरण नजर आया और “जय श्री महाकाल” तथा “हर हर महादेव” के जयघोष गूंजते रहे।
बाबा के आशीर्वाद से शुरू हुआ रक्षाबंधन
रक्षाबंधन पर उज्जैन में देशभर से श्रद्धालु पहुंचे। हजारों भक्तों ने भस्म आरती में शामिल होकर बाबा महाकाल के दर्शन किए और उनके आशीर्वाद के साथ पर्व की शुरुआत की। महाकाल की नगरी में भाई-बहन के प्रेम और भगवान के प्रति अटूट आस्था का यह संगम पूरे दिन श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा।
प्रफुल्ल तिवारी
एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।
