नेपाल में कुदरत की विनाशकारी लीला : अपनों की तलाश में दर-दर भटक रहे परिजन, अब तक 470 की मौत, 1500 से ज्यादा लापता, मदद के लिए अमेरिका ने बढ़ाए हाथ

नेपाल। नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन ने बड़े पैमाने पर तबाही मचा दी है। चारों ओर मलबा, उफनती नदियां और बर्बादी का मंजर दिखाई दे रहा है। नेपाल पुलिस के मुताबिक, आपदा में अब तक 469 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 1,545 लोग लापता बताए जा रहे हैं। बड़ी संख्या में भारतीय नागरिकों के भी लापता होने की जानकारी सामने आई है। महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश के लोगों की तलाश लगातार जारी है।
चितवन में सबसे ज्यादा मौतें
आपदा में चितवन जिला सबसे अधिक प्रभावित रहा, जहां 178 शव बरामद किए गए हैं। एनपी ईस्ट में 110, गोरखा में 44, नुवाकोट में 37, धाडिंग में 33, तनहुन में 28, एनपी वेस्ट में 27 और रसुवा में 12 मौतें दर्ज की गई हैं। राहत एवं बचाव अभियान के दौरान रसुवा से 644, नुवाकोट से 898 और धाडिंग से तीन लोगों को सुरक्षित निकाला गया है।
पत्नी-बेटी की तलाश में परिवार
बाढ़ में अपनी पत्नी और 14 वर्षीय बेटी के लापता होने से शशिधरन श्रीधरन बेहद चिंतित हैं। उन्होंने बताया कि दोनों कैलाश यात्रा पर गए तीर्थयात्रियों के समूह में शामिल थीं। परिवार की उनसे आखिरी बातचीत 26 अगस्त को हुई थी। इसके बाद से कोई संपर्क नहीं हो सका है। परिजन अब किसी अच्छी खबर की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
भारत ने बढ़ाया मदद का हाथ
नेपाल में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने और राहत पहुंचाने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। भारतीय वायुसेना का विमान राहत एवं बचाव अभियान में सहयोग कर रहा है। बिहार और उत्तर प्रदेश की सीमा नेपाल से लगने के कारण सीमावर्ती क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। नदियों के जलस्तर और संवेदनशील इलाकों पर लगातार नजर रखी जा रही है।
अमेरिका और डब्ल्यूएचओ भी आगे आए
विनाशकारी बाढ़ के बाद अमेरिका ने नेपाल के लिए 5 लाख अमेरिकी डॉलर की सहायता की घोषणा की है। वहीं विश्व स्वास्थ्य संगठन ने दवाओं, बहुउद्देशीय टेंट और अन्य जरूरी चिकित्सा सामग्री भेजी है। अमेरिका ने लापता अमेरिकी नागरिकों की तलाश में भी सहयोग का आश्वासन दिया है।
न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान मम्दानी ने भी नेपाल-चीन सीमा क्षेत्र की त्रासदी पर दुख जताते हुए प्रभावित भारतीयों के प्रति एकजुटता व्यक्त की। आपदा के बीच अब सबसे बड़ी चुनौती लापता लोगों को ढूंढकर सुरक्षित वापस लाना और प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाना है।
स्वामी अवधेशानंद बोले- नेपाल के साथ खड़े हैं
स्वामी अवधेशानंद गिरि ने आपदा को बेहद भयावह बताते हुए कहा कि भारतीय, नेपाली और अन्य देशों के कई नागरिक लापता हैं। उन्होंने कहा कि वे भारतीय संगठनों और संस्थाओं के संपर्क में रहकर यह सुनिश्चित करने का प्रयास करेंगे कि नेपाल तक हरसंभव सहायता पहुंचे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की संवेदना और मदद की पेशकश के लिए आभार जताया।
प्रफुल्ल तिवारी
एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।
