खजराना गणेश मंदिर : विघ्नहर्ता की कलाई में सजी विशाल रखी, मां काली से लेकर महाकाल तक दिखी भारत की शक्ति

इंदौर। रक्षाबंधन पर आपने भाइयों की कलाई पर रंग-बिरंगी राखियां तो खूब देखी होंगी, लेकिन इंदौर में इस बार भगवान गणेश के लिए सजी एक अनोखी राखी ने सबका ध्यान खींच लिया। खजराना गणेश मंदिर में 40X40 इंच की विशाल राखी विधि-विधान से भगवान गणेश को अर्पित की गई। खास बात यह है कि इस राखी में सिर्फ भाई-बहन के प्रेम का संदेश नहीं, बल्कि भारत की धार्मिक विरासत, शक्ति, समृद्धि और राष्ट्रभावना को भी खूबसूरती से उकेरा गया है। मां काली, मां लक्ष्मी, मां सरस्वती, महाकाल और भगवान जगन्नाथ की आकृतियों से सजी यह राखी श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।
राखी में दिखी धर्म और शक्ति की झलक
यह विशेष राखी केवल रक्षाबंधन के पर्व तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें भारत की संस्कृति, शक्ति, समृद्धि और विकास की झलक दिखाई गई है। राखी में मां काली को शक्ति का प्रतीक, मां लक्ष्मी को धन-समृद्धि और मां सरस्वती को ज्ञान एवं बुद्धि के प्रतीक के रूप में दर्शाया गया है।
इसके अलावा राखी पर भगवान महाकाल और भगवान जगन्नाथ की आकृतियां भी बनाई गई हैं। इन धार्मिक प्रतीकों के जरिए देश की विविध धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को एक साथ पिरोने का प्रयास किया गया है।
वंदे मातरम के 150 वर्ष का संदेश
इस बार विशाल राखी में राष्ट्रभावना को भी खास स्थान दिया गया है। वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर को राखी की थीम में शामिल किया गया है। इसके जरिए देश की एकता, शक्ति और समृद्धि की कामना की गई है। राखी के माध्यम से भगवान गणेश से प्रार्थना की गई कि भारत विश्व पटल पर एक विकसित, आत्मनिर्भर और शक्तिशाली राष्ट्र के रूप में अपनी पहचान को और मजबूत करे।
24 साल से निभा रहा परिवार परंपरा
खजराना गणेश को विशेष राखी अर्पित करने की यह परंपरा नई नहीं है। इंदौर का पालरेचा परिवार पिछले 24 वर्षों से लगातार रक्षाबंधन पर भगवान गणेश को विशेष राखी अर्पित करता आ रहा है। हर साल परिवार की ओर से अलग थीम और संदेश के साथ राखी तैयार की जाती है और उसे मंदिर में समर्पित किया जाता है।
श्रद्धालुओं के लिए बनी आकर्षण का केंद्र
रक्षाबंधन के अवसर पर जब विशाल राखी को खजराना गणेश मंदिर लाया गया और भगवान को अर्पित किया गया तो मंदिर पहुंचने वाले श्रद्धालु भी इसे देखने के लिए रुक गए। विशाल आकार और धार्मिक प्रतीकों से सजी यह राखी लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी रही। इस अनोखी पहल में भाई-बहन के प्रेम के साथ देश की संस्कृति, एकता और समृद्धि की मंगलकामना भी दिखाई दी।
प्रफुल्ल तिवारी
एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।
