शतरंज की दुनिया में प्रज्ञानंद ने रचा इतिहास : ग्रैंड चेस टूर पर कब्जा करने वाले बने पहले भारतीय, जीता 1.90 करोड़ का ईनाम

नई दिल्ली। भारतीय शतरंज के सितारे रमेशबाबू प्रज्ञानंद ने इतिहास रच दिया है। 21 वर्षीय प्रज्ञानंद ग्रैंड चेस टूर का खिताब जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं। अमेरिका के सेंट लुइस में खेले गए फाइनल में उन्होंने दुनिया के दिग्गज खिलाड़ी फैबियानो कारुआना को कुल 15-13 के स्कोर से मात देकर खिताब अपने नाम किया। शुरुआती मुकाबले में पिछड़ने के बाद प्रज्ञानंद ने जिस अंदाज में वापसी की, उसने उनके धैर्य और शानदार खेल का परिचय दिया।
क्लासिकल में पिछड़े, रैपिड में पलटा पूरा खेल
फाइनल में प्रज्ञानंद को क्लासिकल शतरंज में 3-9 से हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद भारतीय खिलाड़ी ने रैपिड मुकाबलों में जबरदस्त वापसी करते हुए कारुआना को 8-0 से शिकस्त दी। इसके बाद ब्लिट्ज में दोनों खिलाड़ियों के बीच मुकाबला 4-4 से बराबरी पर रहा। इसी के साथ प्रज्ञानंद ने कुल 15-13 की बढ़त कायम रखते हुए ऐतिहासिक खिताब जीत लिया।
तीनों प्रारूप में होती है असली परीक्षा
ग्रैंड चेस टूर में खिलाड़ियों की क्लासिकल, रैपिड और ब्लिट्ज तीनों प्रारूपों में क्षमता परखी जाती है। अलग-अलग प्रारूपों में जीत और ड्रॉ के लिए अलग अंक निर्धारित हैं। प्रज्ञानंद ने तीनों प्रारूपों में संतुलित प्रदर्शन करते हुए निर्णायक मुकाबले में अपनी मानसिक मजबूती साबित की।
सेमीफाइनल में भी दिखाया दम
फाइनल से पहले प्रज्ञानंद ने सेमीफाइनल में जर्मनी के विंसेंट कीमर को 19-9 से हराकर खिताबी मुकाबले में जगह बनाई थी। वहीं फैबियानो कारुआना ने वेस्ली सो को 18-12 से मात देकर फाइनल का टिकट हासिल किया था।
खिताब के साथ करोड़ों की इनामी राशि
ग्रैंड चेस टूर का खिताब जीतने वाले प्रज्ञानंद को 2 लाख अमेरिकी डॉलर, यानी करीब 1.90 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि मिली। उपविजेता कारुआना को 1 लाख 25 हजार डॉलर, तीसरे स्थान पर रहे वेस्ली सो को 75 हजार डॉलर और चैथे स्थान पर रहे विंसेंट कीमर को 50 हजार डॉलर मिले।
13 साल की उम्र में बने थे ग्रैंडमास्टर
चेन्नई के रहने वाले प्रज्ञानंद ने महज 13 साल की उम्र में 2018 में ग्रैंडमास्टर का खिताब हासिल किया था। उनकी मौजूदा रेटिंग 2750 है और अगस्त 2026 की ताजा फिडे शास्त्रीय रैंकिंग में वह दुनिया के 12वें नंबर के खिलाड़ी हैं।
2027 ग्रैंड चेस टूर का भी मिला टिकट
ग्रैंड चेस टूर 2026 के नियमित सत्र में शानदार प्रदर्शन के बाद प्रज्ञानंद शीर्ष चार खिलाड़ियों में शामिल हुए थे। इसी वजह से उन्हें सेंट लुइस में आयोजित नॉकआउट फाइनल में खेलने का मौका मिला। प्रतियोगिता में शीर्ष तीन स्थान हासिल करने वाले खिलाड़ियों को 2027 ग्रैंड चेस टूर में सीधे खेलने का आमंत्रण भी मिला है। प्रज्ञानंद की यह जीत भारतीय शतरंज के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि बन गई है।
प्रफुल्ल तिवारी
एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।
