फिर मोदी सरकार की आहट! : सर्वे में NDA को 326 सीटों का अनुमान, लोकप्रियता में भी राहुल से काफी आगे मोदी, एक देश-एक चुनाव को 70 फीसदी का समर्थन

नई दिल्ली। अगर देश में आज लोकसभा चुनाव हो जाएं तो केंद्र में एक बार फिर नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की सरकार बन सकती है। इंडिया टुडे और सी-वोटर के ताजा जनमत सर्वे के मुताबिक, एनडीए को 326 सीटें, विपक्षी गठबंधन को 185 सीटें और अन्य दलों को 32 सीटें मिलने का अनुमान है। अकेले भाजपा के खाते में 261 सीटें जा सकती हैं, जबकि कांग्रेस को 106 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है।
वोट प्रतिशत में भी एनडीए आगे
सर्वे के अनुसार एनडीए को 45 प्रतिशत, विपक्षी गठबंधन को 39 प्रतिशत और अन्य दलों को 16 प्रतिशत मत मिल सकते हैं। आंकड़े बताते हैं कि सीटों के साथ-साथ मत प्रतिशत में भी सत्तारूढ़ गठबंधन विपक्ष से आगे दिखाई दे रहा है।
राज्यों में अलग-अलग तस्वीर
उत्तर प्रदेश में विपक्षी गठबंधन को 41 और एनडीए को 38 सीटें मिलने का अनुमान है। हालांकि मत प्रतिशत में एनडीए 42 प्रतिशत के साथ विपक्षी गठबंधन के 40 प्रतिशत से आगे है। महाराष्ट्र में एनडीए को 31 और विपक्षी गठबंधन को 17 सीटें मिलने का अनुमान है। यहां एनडीए का मत प्रतिशत 49 और विपक्षी गठबंधन का 43 प्रतिशत बताया गया है।
पश्चिम बंगाल में एनडीए की स्थिति और मजबूत दिखाई गई है। यहां एनडीए को 35 सीटें और विपक्षी गठबंधन को सात सीटें मिलने का अनुमान है। पंजाब में तस्वीर उलट है। यहां विपक्षी गठबंधन को 11 सीटें, जबकि एनडीए को केवल एक सीट मिलने का अनुमान जताया गया है।
मोदी के कामकाज से आधे से ज्यादा लोग संतुष्ट
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कामकाज को लेकर भी सर्वे में सकारात्मक रुझान सामने आया है। 51 प्रतिशत लोगों ने उनके कामकाज को अच्छा बताया। 17 प्रतिशत ने इसे औसत और 27 प्रतिशत ने खराब माना। वहीं, केंद्र सरकार के प्रदर्शन से संतुष्ट लोगों का आंकड़ा अगस्त 2026 में 50 प्रतिशत रहा, जबकि 29 प्रतिशत लोग असंतुष्ट दिखाई दिए।
मोदी अब भी प्रधानमंत्री पद की पहली पसंद
अगले प्रधानमंत्री के सवाल पर नरेंद्र मोदी सबसे आगे रहे। 49 प्रतिशत लोगों ने मोदी को अपनी पहली पसंद बताया। राहुल गांधी को 27 प्रतिशत समर्थन मिला, जबकि तमिलनाडु के नेता सी. जोसेफ विजय को नौ प्रतिशत लोगों ने पसंद किया। इससे प्रधानमंत्री पद की दौड़ में मोदी की बढ़त साफ दिखाई देती है।
राम मंदिर और राजनीतिक स्थिरता भी बड़ी उपलब्धियां
सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि पूछे जाने पर 13 प्रतिशत लोगों ने राजनीतिक स्थिरता को चुना। राम मंदिर और बुनियादी ढांचे के विकास को 11-11 प्रतिशत लोगों ने बड़ी उपलब्धि माना। वहीं, 65 प्रतिशत लोगों ने दल-बदल विरोधी कानून को और मजबूत किए जाने के पक्ष में राय दी।
एक देश-एक चुनाव को भारी समर्थन
सर्वे में 70 प्रतिशत लोगों ने एक देश-एक चुनाव का समर्थन किया, जबकि 24 प्रतिशत इसके विरोध में रहे। परिसीमन को लेकर 40 प्रतिशत लोगों ने जनसंख्या नियंत्रण को भी आधार बनाने की बात कही, जबकि 33 प्रतिशत ने केवल जनसंख्या को आधार बनाने का समर्थन किया।
कैसे हुआ सर्वे?
यह सर्वे एक जुलाई से 25 अगस्त 2026 के बीच किया गया। देशभर में 25,184 वयस्कों की राय ली गई। इसके अलावा पिछले 24 सप्ताह में 91,795 लोगों से मिले जवाबों का भी विश्लेषण किया गया। इस तरह कुल 1,16,644 लोगों की राय के आधार पर देश के राजनीतिक माहौल का आकलन किया गया है।
प्रफुल्ल तिवारी
एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।
