देश की समस्याओं की जड़ कांग्रेस, : भाजपा सांसद का तीखा वार, निशिकांत ने की जेपीएससी घोटाले की सीबीआई जांच की मांग

नई दिल्ली। संसद में जारी गतिरोध और झारखंड में जेपीएससी भर्ती परीक्षा में घोटाले को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच भाजपा ने विपक्ष पर जोरदार हमला बोला। भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कांग्रेस पर देश की कई समस्याओं के लिए जिम्मेदार होने का आरोप लगाते हुए मणिपुर और नागालैंड में अशांति का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष को हर मामले में राजनीति करने के बजाय गंभीर मुद्दों पर जवाब देना चाहिए।
‘झारखंड के छात्रों के साथ अन्याय हुआ’
निशिकांत दुबे ने कहा कि भाजपा झारखंड के छात्रों के आंदोलन के साथ खड़ी है और जेपीएससी में कथित अनियमितताओं की केंद्रीय जांच ब्यूरो से जांच कराने की मांग करती है। उन्होंने कहा कि मामले में कुछ लोगों का इस्तीफा भी हुआ है। ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि यदि भाजपा के आरोप गलत थे तो इस्तीफे की नौबत क्यों आई।
उन्होंने झारखंड सरकार के उन आरोपों पर भी पलटवार किया, जिनमें छात्र आंदोलन के पीछे भाजपा का हाथ होने की बात कही गई थी। दुबे ने कहा कि क्या सरकार हर विरोध-प्रदर्शन के पीछे भाजपा को जिम्मेदार ठहराएगी? उन्होंने कहा कि जब जंतर-मंतर पर प्रदर्शन हुआ था, तब भाजपा ने उसके पीछे कांग्रेस या आम आदमी पार्टी का हाथ होने का आरोप नहीं लगाया था।
मणिपुर-नागालैंड पर कांग्रेस को घेरा
दुबे ने मणिपुर और नागालैंड में जारी अशांति का जिक्र करते हुए कांग्रेस के पूर्व प्रधानमंत्रियों पर भी निशाना साधा। उन्होंने जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी की नीतियों को मौजूदा समस्याओं से जोड़ते हुए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि सीमाओं और पूर्वोत्तर से जुड़े पुराने फैसलों का असर आज भी दिखाई दे रहा है।
संसद के हंगामे पर विपक्ष घिरा
भाजपा सांसद जगदंबिका पाल ने भी विपक्ष पर सदन की कार्यवाही जानबूझकर बाधित करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पूरा देश संसद में हो रहे हंगामे को देख रहा है। पाल ने सवाल उठाया कि यदि विपक्ष झारखंड के छात्रों की चिंता करता है तो राहुल गांधी और अखिलेश यादव वहां क्यों नहीं पहुंच रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार एफसीआरए, परिसीमन और महिलाओं के आरक्षण जैसे मुद्दों पर चर्चा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने संसद का कामकाज बाधित होने के लिए राहुल गांधी को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि जनता ने नेताओं को अपने मुद्दे उठाने के लिए चुना है, हंगामा करने के लिए नहीं।
‘विपक्ष का रवैया अलोकतांत्रिक’
भाजपा सांसद दर्शन सिंह चैधरी ने भी विपक्ष के रवैये को अलोकतांत्रिक बताया। उन्होंने कहा कि सरकार के जवाब को सुनना विपक्ष की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सदन में जवाब दें, तो विपक्ष को उनकी बात सुनने के लिए तैयार रहना चाहिए। संसद के भीतर टकराव और झारखंड में छात्रों के आंदोलन ने राजनीतिक तापमान और बढ़ा दिया है।
प्रफुल्ल तिवारी
एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।
