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हाॅकी टीम की भगवा जर्सी पर सियासी टकराव : भाजपा ने बताया बदलाव, विपक्ष ने सरकार की मंसा पर खड़े किए सावल

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Jul 30, 2026
10:18 AM
भाजपा ने बताया बदलाव, विपक्ष ने सरकार की मंसा पर खड़े किए सावल

नई दिल्ली। भारतीय हॉकी टीम की पारंपरिक नीली जर्सी की जगह भगवा रंग की जर्सी लाए जाने की खबर ने राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है। खेल से जुड़े इस मुद्दे ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। जहां भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने इसे सामान्य बदलाव बताते हुए समर्थन किया है, वहीं विपक्षी दल इसे राष्ट्रीय पहचान और खेल परंपरा से जोड़कर सवाल उठा रहे हैं। इस बीच भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान विरेन रस्किन्हा ने भी इस बदलाव को लेकर अपनी चिंता जाहिर की है।

भाजपा ने बताया सामान्य फैसला

भाजपा सांसद जगन्नाथ सरकार ने कहा कि किसी भी सरकार को नीतिगत फैसले लेने का अधिकार होता है। उनके अनुसार यदि जर्सी का रंग बदला जाता है तो इसमें आपत्ति की कोई वजह नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भगवा रंग भारतीय संस्कृति और परंपरा का प्रतीक है, इसलिए इसे लेकर विवाद खड़ा करना उचित नहीं है। उन्होंने विपक्ष पर बेवजह मुद्दे को राजनीतिक रंग देने का आरोप भी लगाया।

उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री संजय निषाद ने भी भगवा रंग का समर्थन करते हुए कहा कि यह त्याग, बलिदान और भारतीय संस्कृति का प्रतीक है। उनका कहना था कि इस रंग पर किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए क्योंकि यह देश की सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा हुआ है।

विपक्ष ने पहचान से जोड़ा मुद्दा

समाजवादी पार्टी के सांसद पुष्पेंद्र सरोज ने प्रस्तावित बदलाव पर सवाल उठाते हुए कहा कि भारतीय हॉकी और क्रिकेट टीम की नीली जर्सी वर्षों से देश की पहचान बन चुकी है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारतीय टीम के साथ ष्ब्लीड ब्लूष् जैसी पहचान जुड़ी रही है, ऐसे में बिना ठोस कारण इस परंपरा को बदलना उचित नहीं होगा।

सपा नेता उदयवीर सिंह ने भी कहा कि खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों का नीली जर्सी से भावनात्मक जुड़ाव रहा है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जर्सी में बदलाव के पीछे की वास्तविक वजह हॉकी इंडिया ही बता सकता है।

प्रदर्शन अहम, रंग नहीं

सपा प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने आरोप लगाया कि भाजपा प्रतीकों और पहचान के मुद्दों को राजनीतिक रूप देकर जनता का ध्यान अन्य महत्वपूर्ण विषयों से हटाने की कोशिश करती है। वहीं तृणमूल कांग्रेस के सांसद और पूर्व क्रिकेटर कीर्ति आजाद ने पूरे विवाद पर संतुलित प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि किसी भी टीम की सफलता उसके खिलाड़ियों के प्रदर्शन से तय होती है, न कि जर्सी के रंग से। उनके मुताबिक चाहे जर्सी का रंग नीला हो, भगवा हो या कोई अन्य, देश के लिए जीत हासिल करना ही सबसे बड़ा लक्ष्य होना चाहिए।

प्रफुल्ल तिवारी
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प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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