देवों के देव महाकाल की नगरी का अद्भुत नजारा : मंदिर के शिखर पर बैठे वानरराज, अद्भुत दृश्य ने श्रद्धालुओं को किया भावविभोर

उज्जैन। देवों के देव महाकाल की नगरी उज्जैन में सावन माह के प्रथम दिन श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। अलसुबह से ही विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में बाबा महाकाल के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। हर-हर महादेव और जय श्री महाकाल के गगनभेदी जयघोष से पूरा मंदिर परिसर शिवमय हो उठा। इसी पावन बेला में मंदिर के भव्य शिखर पर हाथ में ध्वज थामे एक वानर विराजमान दिखाई दिया। सनातन परंपरा में वानर को संकटमोचन भगवान हनुमान का स्वरूप और हनुमान जी को भगवान शिव का रुद्र अवतार माना जाता है। ऐसे में इस अद्भुत दृश्य ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। कई भक्तों ने इसे महाकाल और हनुमान जी की विशेष कृपा का दिव्य संयोग मानते हुए श्रद्धा से नमन किया।
ध्वज थामे शिखर पर विराजमान दिखा वानर
मंदिर के ऊंचे शिखर पर एक वानर हाथ में ध्वज थामे काफी देर तक बैठा रहा। सावन के पावन अवसर पर मंदिर के शिखर पर ध्वज के साथ वानर की मौजूदगी को श्रद्धालुओं ने विशेष आध्यात्मिक संकेत के रूप में देखा। देखते ही देखते यह दृश्य लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया। श्रद्धालु अपने मोबाइल फोन से इस पल को कैमरे में कैद करने लगे, जबकि कई लोग हाथ जोड़कर वानर को प्रणाम करते नजर आए।
हनुमान स्वरूप मान भावविभोर हुए श्रद्धालु
सनातन परंपरा में वानर को संकटमोचन भगवान हनुमान का स्वरूप माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान हनुमान को भगवान शिव का रुद्र अवतार भी माना जाता है। ऐसे में सावन के पहले दिन महाकाल मंदिर के शिखर पर ध्वज लेकर बैठे वानर को देखकर श्रद्धालुओं ने इसे शिव और हनुमान की विशेष कृपा का प्रतीक माना। कई भक्तों ने इसे अलौकिक संयोग बताते हुए जय श्री राम, जय हनुमान और हर-हर महादेव के जयकारे लगाए।
पूजन-अर्चन के साथ बना आकर्षण का केंद्र
गर्भगृह में बाबा महाकाल के पूजन-अर्चन के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर के बाहर आकर शिखर पर बैठे वानर के दर्शन करने लगे। कुछ समय तक शिखर पर विराजमान रहे वानर ने पूरे वातावरण को और अधिक भक्तिमय बना दिया। मंदिर परिसर में मौजूद लोगों के बीच इस दृश्य की चर्चा देर तक होती रही।
आस्था से जोड़कर देख रहे श्रद्धालु
हालांकि यह एक प्राकृतिक घटना थी, लेकिन श्रद्धालुओं ने इसे अपनी धार्मिक आस्था और विश्वास से जोड़कर देखा। सावन के पवित्र माह के पहले ही दिन महाकाल मंदिर में दिखाई दिया यह अनोखा दृश्य श्रद्धालुओं के लिए अविस्मरणीय बन गया। सोशल मीडिया पर भी वानर के ध्वज थामे शिखर पर बैठे होने की तस्वीरें और वीडियो तेजी से साझा किए जा रहे हैं, जिन पर लोग अपनी-अपनी धार्मिक भावनाएं व्यक्त कर रहे हैं।
प्रफुल्ल तिवारी
एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।
