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दतिया की हार सामान्य नहीं : पराजय के हर पहलू का गहन पड़ताल कराएगी भाजपा, हेमंत ने बनाई दो सदस्यीय जांच कमेटी, सीएम हाउस में भी हुआ मंथन

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Aug 04, 2026
10:01 AM
पराजय के हर पहलू का गहन पड़ताल कराएगी भाजपा, हेमंत ने बनाई दो सदस्यीय जांच कमेटी, सीएम हाउस में भी हुआ मंथन

भोपाल। दतिया विधानसभा उपचुनाव में मिली अप्रत्याशित हार ने मध्यप्रदेश भाजपा के अंदर हडकंप मच गया है। चुनाव परिणाम को केवल सामान्य हार मानने के बजाय पार्टी अब इसकी गहराइयों तक जाने की तैयारी में जुट गई है। हार के पीछे संगठनात्मक कमजोरी थी, रणनीतिक चूक या फिर कथित भीतरघात। सत्ता-संगठन इन सभी पहलुओं पर गहन जांच कराएगा। इतना ही नहीं प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने दो सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है, जो चुनाव से जुड़े नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से चर्चा कर पूरी रिपोर्ट तैयार करेगी।

समिति चुनाव प्रबंधन, बूथ स्तर की गतिविधियों, स्थानीय समीकरणों और अंदरूनी असंतोष की भी पड़ताल करेगी। दतिया की हार को भाजपा ने प्रतिष्ठा का विषय माना है, इसलिए रिपोर्ट के आधार पर जिम्मेदारी तय होने के साथ संगठन में कड़े फैसले भी लिए जा सकते हैं। पार्टी नेतृत्व का संदेश साफ है कि चुनावी हार के लिए जिम्मेदार किसी भी स्तर की लापरवाही या अनुशासनहीनता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

मुख्यमंत्री निवास पर चली लंबी समीक्षा, भीतरघात के आरोपों पर मंथन

समिति गठन से पहले मंगलवार को मुख्यमंत्री निवास पर दतिया उपचुनाव को लेकर भाजपा की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक हुई। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी, संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी और चुनाव प्रबंधन से जुड़े नेता मौजूद रहे। बैठक के बाद अधिकांश मंत्री और पदाधिकारी मीडिया से दूरी बनाए रहे और किसी ने भी चर्चा का आधिकारिक ब्योरा साझा नहीं किया।

सूत्रों के अनुसार, भाजपा प्रत्याशी रहे आशुतोष तिवारी ने बैठक में चुनाव के दौरान कथित भीतरघात से जुड़े कई तथ्य और कुछ प्रमाण भी प्रस्तुत किए। इन बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा हुई और यह तय किया गया कि सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। जिन नेताओं पर गंभीर स्तर के भीतरघात के आरोप लगे हैं, उनके खिलाफ अंतिम फैसला समिति की रिपोर्ट आने के बाद पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व करेगा।

6 हजार से ज्यादा वोटों की हार बनी चिंता का कारण

दतिया उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह ने भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी को छह हजार से अधिक मतों से पराजित किया। टिकट वितरण को लेकर पहले से ही असंतोष की स्थिति बनी हुई थी। पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा चुनाव लड़ने की तैयारी में थे और क्षेत्र में सक्रिय भी थे, लेकिन पार्टी ने अंतिम समय में आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बना दिया। इसके बाद स्थानीय स्तर पर विरोध के स्वर उभरने लगे थे।

चुनाव परिणाम में शहर क्षेत्र से भाजपा को अपेक्षा से कम मतदान मिलने और कांग्रेस को बढ़त मिलने के बाद स्थानीय संगठन की भूमिका पर भी सवाल उठे। कांग्रेस विधायक घनश्याम सिंह द्वारा भाजपा कार्यकर्ताओं के समर्थन मिलने का दावा किए जाने को भी पार्टी ने गंभीरता से लिया है। अब सभी आरोपों की जांच समिति करेगी। माना जा रहा है कि रिपोर्ट आने के बाद दतिया भाजपा संगठन में बड़ी कार्रवाई और संगठनात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

प्रफुल्ल तिवारी
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प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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