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नीट पेपर लीक केस में बड़ा एक्शन : लातूर से कोचिंग संचालक को सीबीआई ने दबोचा, मोबाइल से मिला लीक प्रश्नपत्र, जांच में खुला नेटवर्क का राज

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May 18, 2026
09:13 AM
लातूर से कोचिंग संचालक को सीबीआई ने दबोचा, मोबाइल से मिला लीक प्रश्नपत्र, जांच में खुला नेटवर्क का राज

नई दिल्ली। नीट यूजी 2026 परीक्षा से जुड़े पेपर लीक मामले में सीबीआई ने एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए महाराष्ट्र के लातूर शहर से कोचिंग संचालक शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर को गिरफ्तार किया है। आरोपी “रेणुकाई केमिस्ट्री क्लासेस (आरसीसी)” नाम से कोचिंग संस्थान चलाता था। रविवार को की गई छापेमारी के दौरान उसके मोबाइल फोन से कथित तौर पर मेडिकल प्रवेश परीक्षा का लीक प्रश्नपत्र बरामद हुआ, जिसके बाद एजेंसी ने उसे हिरासत में ले लिया।

संगठित गिरोह से जुड़ाव का शक

सीबीआई की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी ने अन्य लोगों के साथ मिलकर 23 अप्रैल 2026 को ही नीट यूजी का प्रश्नपत्र और उसके उत्तर प्राप्त कर लिए थे, जबकि परीक्षा बाद में होनी थी। एजेंसी का आरोप है कि मोटेगांवकर इस पूरे नेटवर्क का सक्रिय सदस्य था, जो परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र लीक करने और उसे आगे फैलाने में शामिल था। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह पेपर किन-किन माध्यमों से आगे भेजा गया और इसमें और कौन-कौन लोग शामिल हैं।

मोबाइल डेटा और डिजिटल सबूत बने अहम कड़ी

छापेमारी के दौरान आरोपी के मोबाइल फोन से मिले डिजिटल सबूत इस मामले की जांच में अहम माने जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि इसी डिवाइस में लीक पेपर और संबंधित सामग्री मौजूद थी, जिससे पूरे नेटवर्क की परतें खुलनी शुरू हुईं। सीबीआई अब डिजिटल फॉरेंसिक जांच के जरिए यह पता लगाने में जुटी है कि लीक का स्रोत कहां से शुरू हुआ था और इसे कितने लोगों तक पहुंचाया गया।

अब तक 10 गिरफ्तारियां, और खुलासों की संभावना

इस केस में सीबीआई अब तक कुल 10 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें शिवराज मोटेगांवकर के अलावा मनीषा गुरुनाथ मांधरे, प्रो. पी.वी. कुलकर्णी, मांगीलाल बीवाल, विकास बीवाल, दिनेश बीवाल, यश यादव, शुभम खैरनार, मनीषा वाघमारे और धनंजय लोखंडे शामिल हैं। एजेंसी का मानना है कि यह एक संगठित गिरोह है और आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

आगे की जांच जारी

सीबीआई फिलहाल पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में लगी है। एजेंसी यह भी जांच कर रही है कि क्या इस गिरोह का संबंध देश के अन्य राज्यों में सक्रिय पेपर लीक रैकेट्स से भी है। मामले के आगे बढ़ने के साथ और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

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