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चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ पड़ा कमजोर : डीप डिप्रेशन में बदला, तटीय इलाकों में अब भी खतरा

admin

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Nov 04, 2026
04:57 AM
डीप डिप्रेशन में बदला, तटीय इलाकों में अब भी खतरा

नई दिल्ली। दक्षिण भारत में तबाही मचाने वाला भीषण चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ अब कमजोर पड़ने लगा है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के मुताबिक, तूफान कमजोर होकर डीप डिप्रेशन में तब्दील हो गया है। हालांकि, इसके प्रभाव से आंध्र प्रदेश के कई इलाकों में भारी बारिश और तेज हवाओं का खतरा अभी बना हुआ है। मौसम विभाग ने बुधवार को भी तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में कहीं-कहीं बहुत भारी बारिश होने की चेतावनी जारी की है।

40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

मौसम विभाग के अनुसार, 3 नवंबर की रात 11:30 बजे डीप डिप्रेशन का केंद्र तटीय आंध्र प्रदेश और उससे सटे पूर्वी तेलंगाना के ऊपर था। यह नंदीगामा से लगभग 40 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण-पश्चिम और विजयवाड़ा से 60 किलोमीटर पश्चिम में स्थित था। इसके अलावा खम्मम से इसकी दूरी करीब 80 किलोमीटर दक्षिण और भद्राचलम से 150 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण-पश्चिम दर्ज की गई।

आईएमडी के मुताबिक, यह सिस्टम उत्तर दिशा में आगे बढ़ते हुए लगातार कमजोर होगा। अनुमान है कि 4 नवंबर की सुबह तक यह सामान्य डिप्रेशन में बदल जाएगा। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। हवा के तेज झोंकों की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है।

आंध्र प्रदेश में बारिश से जनजीवन प्रभावित

मंगलवार को तूफान के प्रभाव से दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश में भारी बारिश हुई। तेज हवाओं के कारण कई स्थानों पर पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए। निचले इलाकों में जलभराव होने से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। कई प्रभावित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति भी बाधित हुई है।

प्रकाशम, बापटला, पलनाडु, कृष्णा, एलुरु और पश्चिम गोदावरी जिलों में व्यापक बारिश दर्ज की गई। बापटला के तटीय इलाकों में समुद्र की स्थिति बेहद खराब रही। सूर्यलंका बीच पर ऊंची लहरों के कारण समुद्र का पानी करीब 50 मीटर अंदर तक पहुंच गया।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिए निर्देश

मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने मंगलवार को सचिवालय स्थित रियल-टाइम गवर्नेंस सोसाइटी (आरटीजीएस) केंद्र से तूफान के प्रभाव और राहत कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से बारिश, हवा की रफ्तार और प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति की जानकारी ली।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों को लगातार सतर्क रखने के कारण कई कीमती जानें बचाई जा सकीं। उन्होंने तमिलनाडु और कर्नाटक के मुख्यमंत्रियों से भी बातचीत कर बहाली कार्यों में सहयोग मांगा है। साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे मौसम से जुड़े आंकड़ों का लगातार विश्लेषण करें और राहत एवं बचाव व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखें।

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एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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