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किसानों के लिए बदली पंजीयन व्यवस्था : छत्तीसगढ़ में धान बेचने के लिए बदली पंजीयन व्यवस्था, अब एग्री-स्टैक में रजिस्ट्रेशन जरूरी, 31 अक्टूबर तक मौका

नीलम अहिरवार

नीलम अहिरवार

Aug 03, 2026
11:33 AM
छत्तीसगढ़ में धान बेचने के लिए बदली पंजीयन व्यवस्था, अब एग्री-स्टैक में रजिस्ट्रेशन जरूरी, 31 अक्टूबर तक मौका

Chhattisgarh Paddy Procurement 2026-27: छत्तीसगढ़ में खरीफ सीजन 2026-27 के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर धान बेचने वाले किसानों के लिए पंजीयन व्यवस्था में बदलाव किया गया है। पिछले सीजन तक किसानों को राज्य सरकार के एकीकृत किसान पोर्टल पर पंजीयन कराना जरूरी था, लेकिन इस बार यह व्यवस्था समाप्त कर दी गई है। अब सभी प्रकार के किसानों के लिए केंद्र सरकार के एग्री-स्टैक पोर्टल में पंजीयन कराना जरूरी होगा।

किसानों के लिए बदली पंजीयन व्यवस्था

राज्य सरकार के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने खरीफ सीजन 2026-27 के लिए पंजीयन व्यवस्था को लेकर प्रदेश के सभी कलेक्टरों, संचालक खाद्य और अपेक्स बैंक के प्रबंध संचालक को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

नई व्यवस्था के तहत किसानों को MSP पर धान बेचने के लिए राज्य के एकीकृत किसान पोर्टल पर अलग से पंजीयन कराने की आवश्यकता नहीं होगी। इसके स्थान पर एग्री-स्टैक में पंजीयन को अनिवार्य किया गया है।

31 अक्टूबर तक कराना होगा एग्री-स्टैक पंजीयन

किसानों को एग्री-स्टैक में पंजीयन कराने के लिए 31 अक्टूबर 2026 तक का समय दिया गया है। राज्य सरकार के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के माध्यम से एग्री-स्टैक में किसानों का पंजीयन किया जाएगा।

सरकार ने किसानों से निर्धारित समयसीमा के भीतर अपना पंजीयन पूरा कराने की अपील की है, ताकि धान बेचने के समय किसी तरह की परेशानी न हो।

अब सोसाइटी में भी होगा पंजीयन

इस बार किसानों के लिए एक और अहम सुविधा शुरू की गई है। अब एग्री-स्टैक में पंजीयन की सुविधा धान खरीदी से जुड़ी सोसाइटियों में भी उपलब्ध होगी

राज्य सरकार ने सोसाइटियों के ऑपरेटरों को पंजीयन की जिम्मेदारी सौंपी है। इसके लिए ऑपरेटरों को लॉगिन आईडी और पासवर्ड उपलब्ध कराया जाएगा। ऑपरेटरों के माध्यम से किसान सोसाइटी में ही एग्री-स्टैक पंजीयन करा सकेंगे।

इस व्यवस्था का उद्देश्य किसानों को पंजीयन के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत देना और उन्हें एक ही स्थान पर सुविधा उपलब्ध कराना है।

पिछले साल से क्या बदला?

पिछले खरीफ सीजन में MSP पर धान बेचने वाले किसानों को राज्य सरकार के एकीकृत किसान पोर्टल पर पंजीयन कराना आवश्यक था। इस बार यह व्यवस्था समाप्त कर दी गई है।

अब किसानों के लिए मुख्य रूप से एग्री-स्टैक पंजीयन महत्वपूर्ण होगा। साथ ही, सोसाइटियों में भी पंजीयन की सुविधा उपलब्ध होने से किसानों के लिए प्रक्रिया को आसान बनाने की कोशिश की गई है।

GFX — किसानों के लिए जरूरी बातें

  • खरीफ सीजन: 2026-27

  • MSP पर धान बिक्री के लिए: एग्री-स्टैक पंजीयन जरूरी

  • एकीकृत किसान पोर्टल: इस बार पंजीयन जरूरी नहीं

  • सोसाइटी में: एग्री-स्टैक पंजीयन की सुविधा

  • पंजीयन की अंतिम तारीख: 31 अक्टूबर 2026

  • पंजीयन की जिम्मेदारी: सोसाइटी ऑपरेटर

  • ऑपरेटर को: लॉगिन ID और पासवर्ड दिया जाएगा

किसानों को क्या करना होगा?

किसानों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनका एग्री-स्टैक पंजीयन निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा हो जाए। जिन किसानों को पंजीयन प्रक्रिया को लेकर जानकारी या सहायता की जरूरत है, वे संबंधित सोसाइटी में जाकर ऑपरेटर से जानकारी ले सकते हैं।

सरकार की नई व्यवस्था का उद्देश्य पंजीयन प्रक्रिया को सरल बनाना और किसानों को धान बेचने से पहले जरूरी औपचारिकताओं के लिए एक ही स्थान पर सुविधा उपलब्ध कराना है।

नोट: एग्री-स्टैक पंजीयन की प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज और अन्य पात्रता संबंधी जानकारी के लिए किसान अपने क्षेत्र की संबंधित सोसाइटी/स्थानीय प्रशासन से पुष्टि कर सकते हैं।

नीलम अहिरवार
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नीलम अहिरवार

17 साल से टीवी और डिजिटल की दुनिया में सक्रिय। एंटरटेनमेंट, करंट अफेयर्स और पब्लिक कनेक्ट खबरों की धुरंधर। बॉलीवुड की हरकतों को दुनिया तक पहुंचाने में खास दिलचस्पी।

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