कूनो में बढ़ा चीतों का कुनबा : भारत में जन्मी केजीपी-12 ने 4 शावकों को दिया जन्म, सख्या पहुंची 56 पर

श्योपुर। कूनो नेशनल पार्क में वन्यजीव संरक्षण के लिए एक और बड़ी उपलब्धि दर्ज हुई। भारत में जन्मी मादा चीता केजीपी-12 ने चार शावकों को जन्म दिया है। इन नन्हें शावकों के अने से चीतों का कुबना बढ़कर 56 पर पहुंच गया है। वहीं, भारत की धरती पर जन्म लेने वाले चीतों की संख्या भी बढ़कर 36 पहुंच गई है।
चार नए शावकों का जन्म कूनो में चीतों के सफल प्रजनन की दिशा में महत्वपूर्ण पड़ाव है। इससे भारत में चीता संरक्षण अभियान को नई मजबूती मिली है और वन्यजीव प्रेमियों में भी उत्साह बढ़ा है। बता दें कि भारत में चीता पुनर्स्थापना अभियान की शुरुआत 17 सितंबर 2022 को हुई थी। नामीबिया से आठ चीतों को भारत लाकर उन्हें कूनो राष्ट्रीय उद्यान में बसाया गया। इसके बाद फरवरी 2023 में दक्षिण अफ्रीका से 12 चीते भारत लाए गए। फरवरी 2026 में बोत्सवाना से नौ और चीतों को भारत लाकर इस अभियान को आगे बढ़ाया गया।
मध्य प्रदेश में 56 चीतों का बसेरा
चीतों के संरक्षण में मध्य प्रदेश की भूमिका लगातार मजबूत हो रही है। कूनो राष्ट्रीय उद्यान में चीतों की संख्या बढ़कर 53 हो गई है। वहीं, गांधी सागर वन्यजीव अभयारण्य में तीन चीते मौजूद हैं। इस तरह मध्य प्रदेश में चीतों की कुल संख्या 56 पहुंच गई है।
निगरानी और बेहतर आवास से बढ़ रहा कुनबा
चीतों की सुरक्षा के लिए वन विभाग की मैदानी टीम लगातार सक्रिय है। पशु चिकित्सकों और विशेषज्ञों की निगरानी में चीतों के स्वास्थ्य, गतिविधियों और व्यवहार पर नजर रखी जा रही है। उनके लिए अनुकूल प्राकृतिक वातावरण और सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
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