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हिंदी को ज्ञान से नवाचार तक की भाषा बनाएं, : हिंदी दिवस पर मुख्यमंत्रियों का आह्वान

admin

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Sep 14, 2026
05:01 AM
हिंदी दिवस पर मुख्यमंत्रियों का आह्वान

नई दिल्ली। हिंदी दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों और नेताओं ने देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। नेताओं ने हिंदी को केवल संवाद की भाषा तक सीमित न रखते हुए इसे ज्ञान, शासन, विज्ञान, तकनीक और नवाचार से जोड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हिंदी देश की सांस्कृतिक चेतना और विविधताओं को जोड़ने वाली मजबूत कड़ी है।

योगी आदित्यनाथ ने हिंदी को बताया भारतीय अस्मिता की आवाज

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रदेशवासियों और हिंदी प्रेमियों को हिंदी दिवस की बधाई दी। उन्होंने कहा कि हिंदी भारत की सांस्कृतिक चेतना, राष्ट्रीय एकता और भारतीय अस्मिता की सशक्त अभिव्यक्ति है। उन्होंने लोगों से हिंदी के सम्मान, संवर्धन और व्यापक प्रयोग के लिए संकल्प लेने की अपील की।

रेखा गुप्ता बोलीं- हिंदी हमें जोड़ती है, यही हमारा भविष्य भी है

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने हिंदी को मन से मन और जन से जन को जोड़ने वाली भाषा बताया। उन्होंने कहा कि हिंदी ने सभ्यता, साहित्य, स्वतंत्रता आंदोलन और संविधान सभा से लेकर आज तक भारत की चेतना को स्वर दिया है। अब यही भाषा तकनीक, नवाचार और नई पीढ़ी के संवाद के साथ नए विस्तार की ओर बढ़ रही है। उन्होंने हिंदी को ज्ञान, शासन, तकनीक और नवाचार की भाषा के रूप में और मजबूत बनाने का आह्वान किया।

भजनलाल शर्मा ने संरक्षण और प्रसार का लिया संकल्प

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने हिंदी को देश के संस्कारों, भावनाओं और विचारों की सशक्त अभिव्यक्ति बताया। उन्होंने कहा कि हिंदी विविधताओं से भरे भारत को एकता के सूत्र में पिरोने का काम करती है। उन्होंने आने वाली पीढ़ियों तक हिंदी की समृद्धि और गौरव पहुंचाने के लिए इसके संरक्षण और प्रसार का संकल्प लेने की अपील की।

पेमा खांडू, विष्णु देव साय और हिमंता ने भी जताया हिंदी पर गर्व

अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने कहा कि हिंदी ने देश की विविध भाषाओं और संस्कृतियों को जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने हिंदी को संस्कृति, संस्कार और भावनाओं की अभिव्यक्ति का सहज माध्यम बताते हुए इसे ज्ञान-विज्ञान और तकनीक के साथ विकसित भारत की सशक्त भाषा बनाने की बात कही।

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने हिंदी की साहित्यिक विरासत को याद करते हुए कबीर, तुलसी, प्रेमचंद और दिनकर के योगदान का उल्लेख किया। वहीं राजस्थान की उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने हिंदी को सांस्कृतिक चेतना और आत्मीय अभिव्यक्ति का प्रतीक बताते हुए इसके विकास को साझा जिम्मेदारी करार दिया।

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