गुरुवार, 13 अगस्त 202608:56:59 PM
Download App
Home/विदेश

ईरान के निशाने पर थे ट्रंप : इजरायली अलर्ट को कम भरोसेमेंद मान सीआईए अधिकारी, तुर्की में गुपचुप बदला विमान

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Aug 13, 2026
05:52 AM
इजरायली अलर्ट को कम भरोसेमेंद मान सीआईए अधिकारी, तुर्की में गुपचुप बदला विमान

नई दिल्ली। तुर्की में नाटो सम्मेलन के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सुरक्षा को लेकर एक बेहद गोपनीय अभियान चलाए जाने का खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायल ने अमेरिका को खुफिया सूचना दी थी कि ईरान या उसके सहयोगी ट्रंप के विमान को कंधे से दागी जाने वाली मिसाइल से निशाना बना सकते हैं। हालांकि, अमेरिकी केंद्रीय खुफिया एजेंसी के कुछ अधिकारियों को इस सूचना की विश्वसनीयता पर संदेह था।

इजरायली सूचना को ‘कम भरोसेमंद’ मान रहे थे अधिकारी

‘द वॉशिंगटन पोस्ट’ की रिपोर्ट के अनुसार, इजरायल की ओर से मिली सूचना में ट्रंप के विमान पर संभावित हमले की आशंका जताई गई थी। लेकिन अमेरिकी खुफिया अधिकारियों के एक वर्ग ने इसे कम भरोसे वाली सूचना माना। कुछ अधिकारियों को यह आशंका भी थी कि सूचना का इस्तेमाल ट्रंप के फैसलों और पश्चिम एशिया से जुड़ी अमेरिकी नीति को प्रभावित करने के लिए किया जा सकता है।

हालांकि, संदेह के बावजूद अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों ने खतरे को नजरअंदाज नहीं किया और ट्रंप की सुरक्षा व्यवस्था को बेहद गोपनीय तरीके से बदल दिया।

कैटरिंग वाहन के जरिए निकाला गया

रिपोर्ट के मुताबिक, 8 जुलाई को अंकारा से वापसी के दौरान ट्रंप पहले पुराने वायुसेना विमान में सवार हुए। इसके बाद उन्हें बेहद गोपनीय तरीके से वहां से निकाला गया। बताया गया कि एक भोजन आपूर्ति वाहन के जरिए ट्रंप को दूसरे स्थान पर ले जाया गया और फिर उन्हें अमेरिकी सैन्य विमान सी-32ए में बैठाया गया।

इस पूरी कार्रवाई की जानकारी बेहद सीमित अधिकारियों और सुरक्षा कर्मचारियों को ही थी। यहां तक कि कुछ पत्रकारों और अधिकारियों को भी यह पता नहीं था कि ट्रंप पहले विमान में मौजूद नहीं हैं।

लड़ाकू विमानों ने की ट्रंप के विमान की सुरक्षा

ट्रंप को लेकर सी-32ए विमान ब्रिटेन के लिए रवाना हुआ। सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने विमान को सुरक्षा घेरा दिया। अधिकारियों के मुताबिक, ट्रंप के खिलाफ पहले भी हत्या के प्रयास हो चुके हैं, इसलिए सुरक्षा एजेंसियों ने संभावित खतरे को गंभीरता से लिया।

सुरक्षा व्यवस्था पर ट्रंप का भी बयान

ट्रंप ने बाद में विमान बदले जाने की पुष्टि करते हुए कहा कि यह फैसला सुरक्षा अधिकारियों ने लिया था और वह उनके निर्देशों का पालन करते हैं। इस घटनाक्रम के बाद अमेरिकी खुफिया तंत्र में इजरायली सूचनाओं की विश्वसनीयता और राष्ट्रपति की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नई बहस शुरू हो गई है।

प्रफुल्ल तिवारी
Written By

प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

आपको यह खबर कैसी लगी? शेयर करें

अपने दोस्तों और परिवार के साथ साझा करें