पूर्व पाक मंत्री की ‘गुलामी’ वाली जुबान : मंच पर दिखे लश्कर से जुड़े चेहरे, इमरान के करीबी ने उगला भारत के खिलाफ जहर

नई दिल्ली। पाकिस्तान की सियासत और आतंकी के रिश्ते एक बार फिर बेनकाब हो गए हैं। पूर्व गृह मंत्री शेख रशीद अहमद के वीडियो ने पाकिस्तान के उस चेहरे को बेनकाब कर दिया है जो सत्ता के गलियारों और कट्टरपंथी नेटवर्क के बीच की दूरी बेहद धुंधली नजर आती है। वीडियो में रशीद कथित तौर पर लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े लोगों के साथ मंच साझा करते और आतंकवादी हाफिज सईद की तारीफ करते दिखाई दे रहे हैं। इतना ही नहीं, उन्होंने खुद को सईद का ‘गुलाम’ तक बताया। इसके बाद भारत के खिलाफ उनका जहरीला बयान पाकिस्तान की राजनीति पर और भी गंभीर सवाल खड़े करता है।
पाकिस्तान में राजनीति और कट्टरपंथी नेटवर्क के रिश्तों को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पूर्व पाकिस्तानी गृह मंत्री शेख रशीद अहमद का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वह लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े बताए जा रहे लोगों के साथ मंच साझा करते और हाफिज सईद की खुलकर तारीफ करते नजर आ रहे हैं। रशीद ने खुद को हाफिज सईद का ‘गुलाम’ तक बताया और इसके बाद भारत को लेकर बेहद भड़काऊ टिप्पणियां कीं।
सामने आए वीडियो के मुताबिक, शेख रशीद एक सार्वजनिक कार्यक्रम में ऐसे लोगों के साथ नजर आए, जिन्हें रिपोर्टों में लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े वरिष्ठ चेहरे बताया गया है। इनमें खालिद मसूद संधू और कारी मुहम्मद याकूब शेख के नाम शामिल हैं। इस मंच से रशीद ने हाफिज सईद के प्रति समर्थन जताया।
‘मैं हाफिज साहब का गुलाम हूं’
कार्यक्रम में संबोधन के दौरान रशीद ने कहा कि वह हाफिज सईद के ‘गुलाम’ हैं। उन्होंने यह दावा भी किया कि अमेरिका में रहते समय उनके फोन में हाफिज सईद का नंबर मिला था, जिसके बाद उन्हें अमेरिका से बाहर कर दिया गया था। रशीद ने सभा में पाकिस्तान और हाफिज सईद के साथ खड़े होने की बात भी कही।
भारत के खिलाफ भड़काऊ बयान
हाफिज सईद का समर्थन करने के बाद रशीद ने भारत को लेकर भी आक्रामक बयान दिया। उन्होंने दावा किया कि अगर भारत ने पाकिस्तान की तरफ देखा तो भारत में कुछ भी सामान्य नहीं रहेगा। उनके बयान में भारत और धार्मिक स्थलों को लेकर भी धमकी भरी भाषा का इस्तेमाल किया गया। इन टिप्पणियों का वीडियो सामने आने के बाद विवाद और तेज हो गया है।
इमरान खान सरकार में रह चुके हैं गृह मंत्री
शेख रशीद पाकिस्तान के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते हैं और इमरान खान की सरकार में 2020 से 2022 तक गृह मंत्री रह चुके हैं। वह अवामी मुस्लिम लीग के संस्थापक और प्रमुख भी हैं। हालांकि अब वह पाकिस्तान के गृह मंत्री नहीं हैं, इसलिए उनके बयान को मौजूदा पाकिस्तानी सरकार की आधिकारिक नीति नहीं माना जा सकता।
हाफिज सईद पर भारत की नजर
हाफिज सईद लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा प्रमुख नाम है और भारत में लंबे समय से आतंकवाद से जुड़े मामलों के कारण बेहद संवेदनशील माना जाता है। लश्कर-ए-तैयबा को कई देशों और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं ने आतंकी संगठन के रूप में सूचीबद्ध किया है। सईद पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी आतंकवाद से जुड़े गंभीर आरोप रहे हैं।
बयान से फिर उठे पाकिस्तान पर सवाल
शेख रशीद का यह सार्वजनिक प्रदर्शन ऐसे समय में सामने आया है जब पाकिस्तान में राजनीति और चरमपंथी संगठनों के कथित संबंधों को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। एक पूर्व गृह मंत्री का प्रतिबंधित आतंकी संगठन से जुड़े बताए जा रहे लोगों के साथ मंच साझा करना और हाफिज सईद की प्रशंसा करना निश्चित तौर पर पाकिस्तान की राजनीति पर बहस को और हवा देगा।
हालांकि, रशीद के बयान को पाकिस्तान सरकार की आधिकारिक नीति बताना उचित नहीं होगा। फिलहाल इस विवाद के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि पाकिस्तान का राजनीतिक नेतृत्व ऐसे बयानों और आतंकी संगठनों से जुड़े सार्वजनिक मंचों पर मौजूदगी को लेकर क्या रुख अपनाता है।
प्रफुल्ल तिवारी
एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।
