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इंग्लैंड के खिलाड़ियों को नाइट कर्फ्यू से राहत : रूट की साफ नसीहत-वयस्कों की तरह व्यवहार करें, आजादी के साथ जिम्मेदारी भी समझें’

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Aug 13, 2026
06:20 AM
रूट की साफ नसीहत-वयस्कों की तरह व्यवहार करें, आजादी के साथ जिम्मेदारी भी समझें’

लंदन। इंग्लैंड के खिलाड़ियों को नाइट कर्फ्यू से बड़ी राहत मिल गई है। टेस्ट टीम की कमान दोबारा संभालते ही जो रूट ने ऐसा फैसला लिया है, जिससे खिलाड़ियों को जीत के बाद जश्न मनाने और अपने खाली समय का आनंद लेने की ज्यादा आजादी मिलेगी। लेकिन इस राहत के साथ कप्तान ने एक अहम नसीहत भी दी हैकृआजादी का इस्तेमाल समझदारी से होना चाहिए। रूट का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटरों को हर कदम पर नियमों के डंडे से चलाने के बजाय उन पर भरोसा किया जाना चाहिए। अब खिलाड़ियों को खुद तय करना होगा कि मौज-मस्ती की सीमा कहां खत्म होती है और जिम्मेदारी कहां से शुरू होती है।

35 वर्षीय रूट को बेन स्टोक्स के इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद इंग्लैंड का नया टेस्ट कप्तान बनाया गया है। बतौर कप्तान उनकी पहली बड़ी चुनौती पाकिस्तान के खिलाफ तीन मैचों की टेस्ट सीरीज होगी, जिसका आगाज 19 अगस्त से होना है। सीरीज से पहले रूट ने टीम के माहौल और खिलाड़ियों की आजादी को लेकर अपना रुख स्पष्ट कर दिया है।

एशेज विवाद के बाद लगाया गया था नाइट कर्फ्यू

इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड ने एशेज दौरे के दौरान खिलाड़ियों के व्यवहार से जुड़े विवादों के बाद नाइट कर्फ्यू लागू किया था। उस दौरे पर इंग्लिश खिलाड़ियों के देर रात तक शराब पीने और कुछ मौकों पर कैसीनो जाने की खबरें सामने आई थीं। इसके बाद बोर्ड ने टीम में अनुशासन मजबूत करने के लिए खिलाड़ियों के रात में बाहर रहने पर पाबंदियां लगा दी थीं।

हालांकि, कर्फ्यू लागू होने के बाद भी इससे जुड़े विवाद पूरी तरह खत्म नहीं हुए। न्यूजीलैंड के खिलाफ लॉर्ड्स टेस्ट में इंग्लैंड की जीत के बाद बेन स्टोक्स और गस एटकिंसन के कथित तौर पर कर्फ्यू तोड़ने की बात सामने आई थी। नियमों को लागू करने के तरीके और उनकी सीमा को लेकर भी सवाल उठे थे।

रूट ने कहा-हर चीज पर पाबंदी जरूरी नहीं

अब कप्तान जो रूट इस मामले में सख्ती के बजाय भरोसे की नीति अपनाना चाहते हैं। उनका मानना है कि इंटरनेशनल क्रिकेट खेलने वाले खिलाड़ी वयस्क हैं और उन्हें अपने फैसलों की जिम्मेदारी खुद उठानी चाहिए। रूट ने ‘स्काई स्पोर्ट्स क्रिकेट पॉडकास्ट’ पर कहा कि अब टीम में कोई कर्फ्यू नहीं होगा।

रूट का संदेश सीधा हैकृखिलाड़ियों को खुद समझना होगा कि कब आराम करना है और कब क्रिकेट पर पूरी तरह ध्यान देना है। उनका मानना है कि टीम के सदस्यों पर हर छोटी-बड़ी चीज को लेकर प्रतिबंध लगाने के बजाय उनमें जिम्मेदारी की भावना विकसित करना ज्यादा जरूरी है।

प्रफुल्ल तिवारी
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प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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