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महाकाल की नगरी से गूंजा शिवभक्ति का शंखनाद, : CM ने दिखाई 84 महादेव दर्शन यात्रा को हरी झंडी, बोले- यह केवल दर्शन नहीं, संस्कृति और सनातन चेतना का महाअभियान

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Aug 02, 2026
11:09 AM
CM ने दिखाई 84 महादेव दर्शन यात्रा को हरी झंडी, बोले- यह केवल दर्शन नहीं, संस्कृति और सनातन चेतना का महाअभियान

उज्जैन । सावन मास की पावन बेला में उज्जैन से श्री 84 महादेव दर्शन यात्रा-2026 का भव्य शुभारंभ हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से यात्रा को हरी झंडी दिखाते हुए इसे सनातन संस्कृति, आध्यात्मिक चेतना और सामाजिक समरसता को मजबूत करने वाला ऐतिहासिक अभियान बताया। उन्होंने कहा कि उज्जैन केवल एक शहर नहीं, बल्कि भगवान श्री महाकाल की पवित्र नगरी है, जहां स्थित 84 महादेव श्रद्धा, साधना और भारतीय आध्यात्मिक परंपरा के जीवंत प्रतीक हैं।

'दर्शन यात्रा संस्कृति को जन-जन तक पहुंचाएगी'

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह यात्रा श्रद्धालुओं के लिए केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आत्मिक जागरण और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने का अनमोल अवसर है। उन्होंने यात्रा में शामिल सभी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति 'वसुधैव कुटुम्बकम्' और 'सर्वे भवन्तु सुखिनः' का संदेश देती है। भगवान शिव करुणा, समरसता और लोककल्याण के प्रतीक हैं तथा उनकी आराधना समाज को एकता और सद्भाव का संदेश देती है।

84 महादेव परिक्रमा की बताई विशेष महिमा

डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन के 84 महादेवों की परिक्रमा सदियों पुरानी और अत्यंत पवित्र परंपरा है। यह यात्रा श्रद्धा, संयम और आध्यात्मिक अनुशासन का संदेश देती है। उन्होंने कहा कि 84 महादेव के प्रत्येक मंदिर में उज्जैन का गौरवशाली इतिहास और सांस्कृतिक विरासत समाहित है। यह आयोजन नई पीढ़ी को अपनी जड़ों, संस्कारों और सनातन परंपराओं से जोड़ने का सशक्त माध्यम बनेगा।

श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्थाएं

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस यात्रा में शामिल सभी मातृशक्तियों को आयोजन संस्था की ओर से लाल चुनरी, साड़ी, रुद्राक्ष की माला और बिल्वपत्र का पौधा निःशुल्क भेंट किया जा रहा है। यात्रा के साथ प्रसिद्ध भजन गायक मनीष तिवारी की भजन मंडली भी चल रही है, जो पूरे मार्ग में शिवभक्ति का वातावरण बनाए रखेगी। उन्होंने कहा कि सावन के इस पवित्र अवसर पर श्रद्धालुओं का उत्साह भारतीय संस्कृति की जीवंतता का प्रमाण है।

धार्मिक पर्यटन से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल

मुख्यमंत्री ने कहा कि धार्मिक यात्राएं केवल आस्था का विषय नहीं होतीं, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई ऊर्जा देती हैं। ऐसे आयोजनों से होटल व्यवसाय, परिवहन, हस्तशिल्प, छोटे व्यापारियों और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिलता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार तीर्थस्थलों पर आधुनिक सुविधाओं का लगातार विस्तार कर रही है और उज्जैन को विश्वस्तरीय आध्यात्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

युवाओं को संस्कृति से जुड़ने का संदेश

डॉ. मोहन यादव ने कहा कि समाज तभी मजबूत बनता है जब वह अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़ा रहता है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपने तीर्थ, संस्कृति और धार्मिक परंपराओं को जानें और उनसे जुड़ें। उनके अनुसार ऐसी यात्राएं युवाओं में सेवा, अनुशासन, राष्ट्रभाव और सांस्कृतिक गौरव की भावना को मजबूत करती हैं।

कई संत, जनप्रतिनिधि और श्रद्धालु रहे मौजूद

उज्जैन में आयोजित शुभारंभ समारोह में राज्यसभा सांसद बालयोगी उमेशनाथ महाराज, सांसद अनिल फिरोजिया, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के अध्यक्ष ओम जैन, अंतरराष्ट्रीय कथा प्रवक्ता पंडित प्रदीप मिश्रा, संत शैलेषानंद महाराज, उज्जैन विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष रवि सोलंकी सहित अनेक जनप्रतिनिधि, संत-महात्मा और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। पूरे आयोजन के दौरान शिवभक्ति, धार्मिक उत्साह और सांस्कृतिक आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला।

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