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धार्मिक चरण में अमरनाथ यात्रा : धाम की ओर बढ़ी पवित्र छड़ी मुबारक, 28 अगस्त को होगा दिव्य पूजन, पूर्णिमा पर बाबा के दरबार में गूजेंगे वैदिक मंत्र

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Aug 22, 2026
07:46 AM

श्रीनगर। देवभमि-कश्मीर की पवित्र अमरनाथ यात्रा अब अपने धार्मिक चरण में प्रवेश कर गई है। शनिवार को श्रावण शुक्ल पक्ष दशमी के पावन अवसर पर महंत दीपेन्द्र गिरी पंडित छड़ी मुबारक को लेकर मुख्य यात्रा के लिए रवाना हुए, जिसका 28 अगस्त को दिव्य पूजन होगा और इसके दो दिन बाद यानि 30 अगस्त को पवित्र यात्रा का विधिवत समापन होगा। बता दें कि सदियों पुरानी परंपरा के अनुसार छड़ी मुबारक के पवित्र गुफा तक पहुंचने और वहां विधि-विधान से पूजा संपन्न होने के साथ ही बाबा बर्फानी की वार्षिक यात्रा का धार्मिक समापन माना जाता है।

पहलगाम से शुरू हुआ पवित्र पड़ावों का सिलसिला

महंत दीपेंद्र गिरी के अनुसार 22 और 23 अगस्त को पहलगाम में विश्राम होगा। इसके बाद 24 अगस्त की रात चंदनवाणी और 25 अगस्त को शेषनाग में पड़ाव रहेगा। इस वर्ष तिथियों में अंतर होने के कारण पंचतरणी में दो रात रुकने का कार्यक्रम बनाया गया है। यहां 26 और 27 अगस्त की रात छड़ी मुबारक के साथ साधु-संतों का पड़ाव रहेगा।

28 अगस्त को बाबा अमरनाथ के दरबार में होगा विशेष पूजन

श्रावण पूर्णिमा के दिन 28 अगस्त को छड़ी मुबारक को पवित्र गुफा में ले जाया जाएगा। धार्मिक मान्यता है कि इसी पावन गुफा में भगवान शिव ने माता पार्वती को अमरत्व का रहस्य सुनाया था। इस दिव्य अवसर पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच छड़ी मुबारक की स्थापना की जाएगी और परंपरागत पूजन-अर्चन संपन्न होगा।

पंचतरणी से पहलगाम तक वापसी यात्रा

गुफा में पूजा के बाद 28 अगस्त की रात छड़ी मुबारक का पड़ाव फिर पंचतरणी में होगा। 29 अगस्त की सुबह यात्रा शेषनाग और चंदनवाणी होते हुए पहलगाम पहुंचेगी। इसके बाद 30 अगस्त को लिद्दर नदी के तट पर विशेष पूजन एवं विसर्जन किया जाएगा। इसी अवसर पर महात्माओं के भोज के साथ छड़ी मुबारक की यात्रा पूर्ण होगी।

मौसम ने बदली यात्रा की रफ्तार

महंत दीपेंद्र गिरी ने बताया कि यात्रा के शुरुआती 10 से 12 दिनों में करीब तीन लाख श्रद्धालुओं के बाबा बर्फानी के दर्शन करने की सूचना थी। हालांकि बाद में खराब मौसम के चलते यात्रा कई बार प्रभावित और स्थगित हुई। उन्होंने वर्ष 2012 का उल्लेख करते हुए कहा कि उस वर्ष 39 दिनों की यात्रा में करीब 6 लाख 35 हजार श्रद्धालुओं ने दर्शन किए थे, जो अब तक का रिकॉर्ड बताया जाता है।

धार्मिक आस्था, कठिन पहाड़ी मार्ग और शिवभक्ति से जुड़ी यह यात्रा अब अपने अंतिम और सबसे पवित्र पड़ाव की ओर बढ़ चुकी है। श्रावण पूर्णिमा पर पवित्र गुफा में होने वाला छड़ी मुबारक का पूजन इस आध्यात्मिक यात्रा का मुख्य आकर्षण रहेगा।

प्रफुल्ल तिवारी
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प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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