फायर ब्रिगेड से तोता का रेस्क्यू ऑपरेशन : बस्तर संभाग के नारायणपुर में अधिकारी के पालतू तोते के रेस्क्यू पर विवाद, प्रशासन को सौंपा गया ज्ञापन

नारायणपुर: छत्तीसगढ़ बस्तर संभाग के नारायणपुर जिले में एक तोते ने ऐसा ड्रामा कियाकि फायर ब्रिगेड तक बुलानी पड़ गई! जनाब पेड़ की ऊंचाई पर जाकर बैठ गए.और नीचे आने का नाम ही नहीं लिया.फिर क्या.टीम ने पाइप से पानी की बौछारें चला दीं! काफी देर की “वॉटर बौछार” किया गया.इ स बीच बताया गया कि तोता विभाग के किसी अधिकारी का पालतू था. जो पिंजरे से छूटकर पेड़ पर जा बैठा.वीडियो वायरल होने के बाद यूजर्स का कहना है कि फायर ब्रिगेड का इस्तेमाल आगजनी,दुर्घटनाओं और जनसेवा के लिए किया जाता है ना कि किसी पालतू तोते को पकड़ने के लिए.पानी की बौछार के बाद तोता को पेड़ से पकड़ा गया.लेकिन हजारों लीटर पानी बह गया. वहीं जब इसके बारे में फायर ब्रिगेड के अधिकारी से जब पूछा गया तो उन्होंने बेहद मजाकिया जवाब दिया है अधिकारी का कहना था कि वो लोग वहां पर तोता का रेस्क्यू करने नहीं बल्कि पाइप को चेक करने के लिए गए थे.

नारायणपुर में सिर्फ डेमो के लिए गए थे कि पानी का प्रेशर ठीक से चल रहा है या नहीं क्योंकि वो टेस्ट नहीं कर पाए थे ऐसा वो डेमो अधिकारी हर हफ्ते करते हैं.उन्हें नहीं पता कि पेड़ पर तोता बैठा है या कोई कुछ और. वहीं अब इस मुद्दे को लेकर सियासत भी गरमा गई है नारायणपुर में ब्लाक पार्षद ने भी प्रशासन को ज्ञापन सौंप कर जवाब मांगा है कि कैसे पानी की बर्बादी की गई जबकि फायरब्रिगेड का इस्तेमाल सिर्फ आपातकालीन सेवाओं के लिए किया जाता है इधर वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अब गर्मी में पानी की किल्लत झेल रहे लोग भड़क गए हैं…और इस “तोता रेस्क्यू ऑपरेशन” पर सवाल उठा रहे हैं! हालांकि तोता किस अधिकारी था जिसकी जानकारी सामने नहीं आ पाई है.अब पालतू तोता तो बच गया… लेकिन सवाल यही है… क्या ये रेस्क्यू था… या “ओवरएक्शन”?

नीलम अहिरवार
17 साल से टीवी और डिजिटल की दुनिया में सक्रिय। एंटरटेनमेंट, करंट अफेयर्स और पब्लिक कनेक्ट खबरों की धुरंधर। बॉलीवुड की हरकतों को दुनिया तक पहुंचाने में खास दिलचस्पी।
