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गंगा दशहरा और बड़े मंगल का दिव्य संगम : अयोध्या और प्रयागराज में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, भक्ति में डूबा उत्तर प्रदेश

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May 26, 2026
07:35 AM
अयोध्या और प्रयागराज में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, भक्ति में डूबा उत्तर प्रदेश

अयोध्या। गंगा दशहरा और ज्येष्ठ माह के चौथे बड़े मंगल का पावन संयोग इस बार श्रद्धालुओं के लिए विशेष आस्था और उत्साह लेकर आया। दोनों धार्मिक पर्व एक ही दिन पड़ने से अयोध्या और प्रयागराज सहित प्रदेश के प्रमुख तीर्थ स्थलों पर भक्तों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। सुबह तड़के से ही श्रद्धालु पवित्र नदियों में स्नान कर मंदिरों में दर्शन-पूजन के लिए पहुंचने लगे। धार्मिक स्थलों पर भक्ति, श्रद्धा और उत्साह का अद्भुत वातावरण देखने को मिला।

अयोध्या में सरयू घाटों पर सुबह तीन बजे से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई थीं। स्नान के बाद भक्त रामनगरी के प्रमुख मंदिरों में दर्शन के लिए पहुंचते रहे। बड़ी संख्या में आए श्रद्धालुओं को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्थाओं के व्यापक इंतजाम किए। घाटों पर जल पुलिस, पीएसी और एसडीआरएफ की टीमें लगातार तैनात रहीं। भीड़ नियंत्रण के लिए बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

दो पर्व एक साथ पड़ने से श्रद्धालुओं की रही भीड़

एसपी सिटी चक्रपाणि त्रिपाठी ने स्वयं घाटों और मंदिरों की सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि गंगा दशहरा और बड़े मंगल के एक साथ पड़ने के कारण इस बार श्रद्धालुओं की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में काफी अधिक रही। प्रशासन का प्रयास है कि सभी श्रद्धालु सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से स्नान और दर्शन कर सकें।

गंगा दशहरा के दिन मां गंगा का धरती पर हुआ अवतरण

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गंगा दशहरा के दिन मां गंगा का धरती पर अवतरण हुआ था। मान्यता है कि राजा भगीरथ की कठोर तपस्या से प्रसन्न होकर मां गंगा पृथ्वी पर उतरी थीं और उनके पूर्वजों का उद्धार किया था। इस दिन गंगा स्नान और दान-पुण्य का विशेष महत्व माना जाता है। इसी वजह से श्रद्धालु दूर-दूर से पवित्र नदियों के घाटों पर पहुंचे।

सनातन में गंगा दशहरा का पर्व माना गया है महत्वपूर्ण

महंत सीताराम दास ने बताया कि गंगा दशहरा का पर्व सनातन परंपरा में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। उन्होंने कहा कि इस दिन श्रद्धा भाव से स्नान और पूजा करने से व्यक्ति को पुण्य की प्राप्ति होती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। उन्होंने बताया कि सुबह से ही मंदिरों और घाटों पर भक्तों का तांता लगा रहा।

संगम नगरी में भी देखने को मिला धार्मिक उत्साह

वहीं संगम नगरी प्रयागराज में भी बड़े मंगल के अवसर पर विशेष धार्मिक उत्साह देखने को मिला। प्रसिद्ध लेटे हनुमान मंदिर में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। भक्त घंटों लाइन में लगकर बजरंगबली के दर्शन करते नजर आए। प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष प्रबंध किए गए थे।

श्रद्धालुओं ने इस पावन अवसर पर देश और दुनिया में सुख-शांति तथा समृद्धि की कामना की। भक्तों का कहना था कि इतनी भारी भीड़ के बावजूद प्रशासन की बेहतर व्यवस्था के कारण दर्शन और पूजा सुचारु रूप से संपन्न हुई।

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