TET पर सरकार का नरम रुख, नए सिरे से जारी होंगे आदेश : किन शिक्षकों के लिए अनिवार्य होगा TET, छूट और शिथिलता पर होगा स्पष्ट निर्णय

भोपाल : मध्यप्रदेश में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) को लेकर चल रहे विवाद के बीच सरकार का रुख अब नरम पड़ता नजर आ रहा है। रविवार को संचालक लोक शिक्षण (DPI) में हुई अहम बैठक में इस मुद्दे पर विस्तार से मंथन किया गया। बैठक के बाद डायरेक्टर अभिषेक सिंह ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि TET की अनिवार्यता को लेकर स्थिति साफ की जाए।
बैठक में यह तय किया गया कि किन शिक्षकों के लिए TET अनिवार्य होगी और किन्हें इससे छूट या शिथिलता दी जा सकती है, इस पर स्पष्ट दिशा-निर्देश तैयार किए जाएं। लंबे समय से इस मुद्दे को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई थी, जिसे अब खत्म करने की कोशिश की जा रही है।
सुप्रीम कोर्ट में जाएगी पुनर्विचार याचिका
बैठक के दौरान अधिकारियों ने बताया कि इस पूरे मामले को लेकर सरकारी अधिवक्ता से अभिमत मांगा गया है। अभिमत मिलने के बाद सरकार S.C में पुनर्विचार याचिका दायर करेगी।
इस कदम को शिक्षकों को राहत देने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
वेतनवृद्धि और समयमान वेतनमान पर भी फैसला
बैठक में केवल TET ही नहीं, बल्कि शिक्षकों के वेतन से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि वेतनवृद्धि और समयमान वेतनमान के लंबित मामलों में तेजी लाने का निर्णय लिया गया है।
जल्द ही इन प्रकरणों में आदेश जारी किए जाएंगे, जिससे शिक्षकों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।
क्या है पूरा मामला
गौरतलब है कि TET की अनिवार्यता को लेकर आए न्यायालयीन फैसले के बाद प्रदेश के लाखों शिक्षकों के भविष्य पर सवाल खड़े हो गए थे। इसके विरोध में शिक्षक संगठनों ने प्रदर्शन भी शुरू कर दिया था। अब सरकार के नरम रुख और नए आदेशों की तैयारी से शिक्षकों में उम्मीद जगी है।
आलोक त्रिपाठी
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