फीफा विश्व कप 2026 में बड़ा उलटफेर, : चार बार विश्व विजेता टीम मुकाबले से बाहर, पराग्वे ने पेनल्टी शूटआउट में जर्मनी को हराकर चौंकाया

फॉक्सबोरो। फीफा विश्व कप 2026 में मंगलवार को एक ऐसा नतीजा सामने आया जिसने फुटबॉल जगत को चौंका दिया। राउंड ऑफ 32 के मुकाबले में पराग्वे ने चार बार की विश्व चैंपियन जर्मनी को पेनल्टी शूटआउट में 4-3 से हराकर टूर्नामेंट का अब तक का सबसे बड़ा उलटफेर कर दिया। निर्धारित 90 मिनट का खेल 1-1 की बराबरी पर समाप्त हुआ, जिसके बाद मुकाबले का फैसला पेनल्टी शूटआउट से हुआ। इस जीत के साथ पराग्वे ने अंतिम-16 में प्रवेश कर लिया, जबकि जर्मनी का अभियान उम्मीद से कहीं पहले समाप्त हो गया।
पहले हाफ में पराग्वे ने बनाई बढ़त
मुकाबले की शुरुआत से ही दोनों टीमों के बीच कड़ा संघर्ष देखने को मिला। पराग्वे ने तेज आक्रमण करते हुए जर्मनी की रक्षापंक्ति पर लगातार दबाव बनाया। इसका फायदा उसे 42वें मिनट में मिला, जब जूलियो एन्सिसो ने शानदार गोल दागकर टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी। पहले हाफ के अंत तक जर्मनी बराबरी का गोल नहीं कर सकी और पराग्वे बढ़त के साथ ब्रेक में गया।
हैवर्ट्ज ने कराई वापसी, लेकिन जीत नहीं मिली
दूसरे हाफ में जर्मनी ने आक्रामक खेल दिखाया और बराबरी के लिए लगातार प्रयास किए। आखिरकार फ्लोरियन विर्ट्ज के सटीक क्रॉस पर काई हैवर्ट्ज ने हेडर के जरिए शानदार गोल कर स्कोर 1-1 कर दिया। इसके बाद जोनाथन टाह ने भी हेडर से गेंद को जाल में पहुंचाया, लेकिन रेफरी ने उसे अमान्य घोषित कर दिया। निर्धारित समय तक दोनों टीमों में कोई भी बढ़त हासिल नहीं कर सका और मुकाबला पेनल्टी शूटआउट तक पहुंच गया।
पेनल्टी शूटआउट में पराग्वे ने दिखाई मजबूती
शूटआउट की शुरुआत जर्मनी के लिए निराशाजनक रही, जब काई हैवर्ट्ज की पहली पेनल्टी पराग्वे के गोलकीपर ने रोक दी। इसके बाद पराग्वे ने शुरुआती बढ़त बना ली। हालांकि जोशुआ किमिख और जमाल मुसियाला ने गोल कर जर्मनी को मुकाबले में बनाए रखा।
मुकाबला उस समय और रोमांचक हो गया जब जर्मनी के निक वोल्टेमेड का प्रयास भी रोक दिया गया। दूसरी ओर एंटोनियो सनाब्रिया की पेनल्टी पर मैनुअल नोयर ने शानदार बचाव कर जर्मनी की उम्मीदें जिंदा रखीं। नोयर ने फेबियन बालबुएना की पेनल्टी भी रोककर टीम को एक और मौका दिया, लेकिन अंततः जोसे कनाले ने दबाव में बेहतरीन शॉट लगाकर पराग्वे को ऐतिहासिक जीत दिला दी।
जर्मनी का टूटा अजेय रिकॉर्ड
इस हार के साथ जर्मनी का विश्व कप इतिहास में पेनल्टी शूटआउट में कभी न हारने का रिकॉर्ड भी टूट गया। अनुभवी गोलकीपर मैनुअल नोयर ने कई अहम बचाव किए, लेकिन उनकी कोशिशें टीम को हार से नहीं बचा सकीं।
वहीं, कोच गुस्तावो अल्फारो के मार्गदर्शन में पराग्वे ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अंतिम-16 में जगह बना ली। इस यादगार जीत ने साबित कर दिया कि विश्व कप जैसे बड़े मंच पर कोई भी टीम किसी भी दिग्गज को चुनौती देकर इतिहास रच सकती है।
प्रफुल्ल तिवारी
एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।
