दुश्मनों के डर से ट्रंप का गुप्त सफर! : तुर्की में फूड ट्रक में छिपाकर पहुंचाया सैन्य विमान तक, मीडिया को भी नहीं लगी भनक

न्यूयॉर्क। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हालिया विदेश यात्रा से जुड़ा एक चैंकाने वाला खुलासा सामने आया है। अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, तुर्की से ब्रिटेन जाते समय ट्रंप को सार्वजनिक रूप से एयर फोर्स वन में सवार दिखाया गया, लेकिन सुरक्षा कारणों से उन्हें गुपचुप तरीके से दूसरे सैन्य विमान में स्थानांतरित कर दिया गया। इतना ही नहीं, ट्रंप और उनके कुछ करीबी सहयोगियों को विमान तक पहुंचाने के लिए एक फूड ट्रक का इस्तेमाल किया गया।
फूड ट्रक से गुप्त रास्ते पर निकले ट्रंप
रिपोर्ट के अनुसार, अंकारा में ट्रंप सार्वजनिक रूप से एयर फोर्स वन पर सवार हुए। इसके बाद उन्हें और उनके कुछ सहयोगियों को विमान के पास खड़े एक कैटरिंग ट्रक तक ले जाया गया। वहां से ट्रंप को एक कार के जरिए छोटे सी-32ए सैन्य विमान तक पहुंचाया गया। इसके बाद उन्होंने ब्रिटेन के मिल्डेनहॉल वायुसेना अड्डे तक इसी विमान से यात्रा की।
इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी एयर फोर्स वन में मौजूद पत्रकारों और कई अधिकारियों को भी नहीं थी। विमान में मौजूद पत्रकारों ने बताया कि उड़ान के दौरान उन्हें खिड़कियों के पर्दे बंद रखने के निर्देश दिए गए थे।
‘विश्वसनीय खतरे’ की सूचना से मचा हड़कंप
द वॉशिंगटन पोस्ट और द न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्टों में अधिकारियों के हवाले से दावा किया गया कि सुरक्षा एजेंसियों को ट्रंप के आधिकारिक विमान के खिलाफ विश्वसनीय सुरक्षा खतरे की जानकारी मिली थी। इसी वजह से राष्ट्रपति की यात्रा का तरीका अचानक बदला गया।
व्हाइट हाउस ने इन खबरों की पुष्टि या खंडन नहीं किया। हालांकि, संचार निदेशक स्टीवन चेउंग ने कहा कि राष्ट्रपति को निशाना बनाने की कोशिश करने वाले कई दुश्मन हैं और सुरक्षा एजेंसियां ऐसे खतरों से निपटने के लिए उपलब्ध सभी संसाधनों का इस्तेमाल करती हैं।
कतर के आलीशान विमान पर भी उठे सुरक्षा सवाल
ट्रंप उस समय कतर की ओर से दिए गए आलीशान विमान का इस्तेमाल कर रहे थे। हालांकि सुरक्षा एजेंसियों को कथित तौर पर चिंता थी कि तकनीकी बदलावों के कारण यह विमान पुराने एयर फोर्स वन जितना सुरक्षित नहीं था। रिपोर्टों के मुताबिक, विमान में मिसाइल रोधी सुरक्षा प्रणाली और इलेक्ट्रॉनिक हमलों से बचाव के लिए जरूरी विशेष सुरक्षा व्यवस्था नहीं थी। इसी वजह से ट्रंप को पहले पुराने एयर फोर्स वन और बाद में सैन्य विमान में स्थानांतरित किया गया।
गोपनीय जानकारी लीक होने पर पत्रकारों तक पहुंचे समन
मामला तब और गंभीर हो गया जब कतर के विमान की सुरक्षा कमियों से जुड़ी खबरें सामने आईं। रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी न्याय विभाग ने जानकारी लीक करने वालों का पता लगाने के लिए पत्रकारों और उनके रिश्तेदारों तक को समन भेजकर फोन संबंधी जानकारी मांगी। आलोचना बढ़ने के बाद इन समनों को वापस ले लिया गया।
पूरे घटनाक्रम ने अमेरिकी राष्ट्रपति की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर खतरा कितना गंभीर था, जिसके चलते दुनिया के सबसे शक्तिशाली नेताओं में शामिल ट्रंप को सार्वजनिक विमान छोड़कर इतनी गोपनीय तरीके से सैन्य विमान तक पहुंचाया गया।
प्रफुल्ल तिवारी
एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।
