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टमाटर-अदरक ने बढ़ाया खर्च : महंगाई का झटका: जून में खुदरा महंगाई 4.38% पर पहुंची, टमाटर-अदरक ने बिगाड़ा रसोई का बजट

नीलम अहिरवार

नीलम अहिरवार

Jul 13, 2026
11:43 AM
महंगाई का झटका: जून में खुदरा महंगाई 4.38% पर पहुंची, टमाटर-अदरक ने बिगाड़ा रसोई का बजट

देश में एक बार फिर महंगाई ने आम आदमी की जेब पर बोझ बढ़ा दिया है। जून 2026 में खुदरा महंगाई दर (Retail Inflation) बढ़कर 4.38 प्रतिशत पर पहुंच गई, जो मई 2026 में 3.93 प्रतिशत थी। महंगाई में इस बढ़ोतरी का सबसे ज्यादा असर खाने-पीने की चीजों पर देखने को मिला है। खाद्य महंगाई दर (CFPI) भी बढ़कर 5.32 प्रतिशत हो गई है। खासतौर पर अदरक, टमाटर और अन्य सब्जियों की कीमतों में आई तेज़ बढ़ोतरी ने आम लोगों की रसोई का बजट बिगाड़ दिया है।

खाद्य महंगाई में भी बढ़ोतरी

सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) द्वारा जारी ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, जून 2026 में खाद्य महंगाई दर 5.32 प्रतिशत रही, जबकि मई में यह 4.78 प्रतिशत थी। सब्जियों की कीमतों में आई तेजी इस बढ़ोतरी की प्रमुख वजह मानी जा रही है। अदरक और टमाटर जैसी रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली वस्तुओं के महंगे होने से परिवारों का मासिक खर्च बढ़ गया है।

ग्रामीण इलाकों पर ज्यादा असर

रिपोर्ट के मुताबिक, महंगाई का असर शहरों की तुलना में ग्रामीण इलाकों में अधिक देखने को मिला है। ग्रामीण परिवारों के खर्च का बड़ा हिस्सा खाद्य पदार्थों पर होता है, इसलिए खाद्य महंगाई बढ़ने से उनका घरेलू बजट अधिक प्रभावित हुआ है।

किन राज्यों में सबसे ज्यादा महंगाई?

50 लाख से अधिक आबादी वाले राज्यों में महंगाई के आंकड़ों पर नजर डालें तो:

  • तेलंगाना: 6.36%

  • आंध्र प्रदेश: 5.39%

  • तमिलनाडु: 5.24%

इन राज्यों में राष्ट्रीय औसत से अधिक महंगाई दर्ज की गई है।

आपकी जेब पर क्या होगा असर?

खुदरा महंगाई बढ़ने का सीधा असर आम लोगों के दैनिक खर्च पर पड़ता है। खाद्य पदार्थों की कीमतें बढ़ने से घर का मासिक बजट प्रभावित होता है। दाल, सब्जियां, मसाले और अन्य जरूरी वस्तुओं पर पहले से अधिक खर्च करना पड़ सकता है। ऐसे में परिवारों को अपने खर्चों में कटौती करनी पड़ सकती है और खरीदारी की प्राथमिकताओं में बदलाव करना पड़ सकता है।

क्यों अहम है महंगाई का यह आंकड़ा?

महंगाई का स्तर न केवल आम लोगों की क्रय शक्ति को प्रभावित करता है, बल्कि यह अर्थव्यवस्था, ब्याज दरों और उपभोक्ता खर्च पर भी असर डालता है। यदि खाद्य महंगाई लगातार ऊंचे स्तर पर बनी रहती है, तो आने वाले महीनों में घरेलू बजट पर दबाव और बढ़ सकता है। ऐसे में महंगाई के अगले आंकड़ों और खाद्य वस्तुओं की कीमतों पर सभी की नजर बनी रहेगी।

नीलम अहिरवार
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नीलम अहिरवार

17 साल से टीवी और डिजिटल की दुनिया में सक्रिय। एंटरटेनमेंट, करंट अफेयर्स और पब्लिक कनेक्ट खबरों की धुरंधर। बॉलीवुड की हरकतों को दुनिया तक पहुंचाने में खास दिलचस्पी।

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