मंगलवार, 14 जुलाई 202602:18:23 AM
Download App
Home/देश

मप्र में कमजोर पड़ा वर्षा चक्र : पांच दिनों से सिर्फ हल्की फुहारों से करना पड़ रहा संतोष, 16 के बाद फिर रफ्तार पकड़ सकता है मानसून

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Jul 13, 2026
08:14 AM
पांच दिनों से सिर्फ हल्की फुहारों से करना पड़ रहा संतोष, 16 के बाद फिर रफ्तार पकड़ सकता है मानसून

भोपाल। मध्य प्रदेश में जुलाई की शुरुआत में जोरदार दस्तक देने वाला मानसून फिलहाल कमजोर पड़ गया है। पिछले पांच दिनों से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में भारी बारिश का दौर थम गया है और अब सिर्फ हल्की फुहारों व रुक-रुककर बारिश का सिलसिला जारी है। मौसम विभाग के अनुसार राज्य के करीब 60 प्रतिशत हिस्से में मानसूनी बादलों की सक्रियता कम हो गई है, जिसके कारण फिलहाल तेज बारिश की संभावना नहीं है। हालांकि 16 जुलाई के बाद बंगाल की खाड़ी में बनने वाले नए मौसम सिस्टम से मानसून एक बार फिर रफ्तार पकड़ सकता है।

इन जिलों में हल्की बारिश के आसार

मौसम विभाग के मुताबिक सोमवार को सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बैतूल, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, धार और आलीराजपुर में बादल छाने के साथ हल्की बारिश हो सकती है। वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर सहित 33 जिलों में मौसम अपेक्षाकृत साफ रहने और धूप निकलने की संभावना है।

कमजोर पड़ा मानसून, थमी झमाझम बारिश

मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून को सक्रिय रखने वाली प्रमुख मौसम प्रणालियां फिलहाल कमजोर हो चुकी हैं या उनका असर मध्य प्रदेश से दूर चला गया है। इसी वजह से प्रदेश में बादल तो बन रहे हैं, लेकिन भारी बारिश के लिए जरूरी परिस्थितियां नहीं बन पा रही हैं। अगले कुछ दिनों तक रिमझिम बारिश का दौर जारी रह सकता है, जबकि भारी या अति भारी बारिश की संभावना फिलहाल कम है।

16 जुलाई से बदल सकता है मौसम

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार 13 से 19 जुलाई के बीच उत्तर बंगाल की खाड़ी में ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बनने के संकेत हैं। यदि यह सिस्टम निम्न दबाव के क्षेत्र में बदलता है तो मध्य प्रदेश में मानसून फिर सक्रिय हो सकता है। अनुमान है कि 16 जुलाई के बाद प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश की तीव्रता बढ़ सकती है। इसके अलावा प्रशांत महासागर में विकसित हो रहे नए मौसम तंत्र भी मानसून को मजबूती दे सकते हैं।

बारिश का आंकड़ा सामान्य के करीब पहुंचा

लगातार पांच दिन तक तेज बारिश नहीं होने का असर प्रदेश के वर्षा आंकड़ों पर भी दिखाई दिया है। कुछ दिन पहले तक सामान्य से करीब 30 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की जा रही थी, लेकिन अब यह बढ़त घटकर महज एक प्रतिशत रह गई है। प्रदेश में अब तक औसतन 241.8 मिलीमीटर वर्षा दर्ज हुई है, जबकि इस अवधि का सामान्य आंकड़ा 239.8 मिलीमीटर है। यानी अब तक मानसून अपने कुल सीजन की लगभग 25 प्रतिशत बारिश ही दे पाया है।

देवास अव्वल, आलीराजपुर सबसे पीछे

बारिश के मामले में देवास जिला सबसे आगे बना हुआ है, जहां सामान्य से 102 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई है। हरदा, इंदौर और सीहोर में भी अच्छी बारिश हुई है। राजधानी भोपाल में अब तक 13 इंच से अधिक पानी गिर चुका है। दूसरी ओर आलीराजपुर में सबसे कम बारिश दर्ज की गई है। यहां अब तक केवल करीब सवा दो इंच वर्षा हुई है, जो सामान्य से 74 प्रतिशत कम है। अब प्रदेश की नजरें 16 जुलाई के बाद बनने वाले नए मौसम सिस्टम पर टिकी हैं, जिससे झमाझम बारिश की उम्मीद फिर जागी है।

प्रफुल्ल तिवारी
Written By

प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

आपको यह खबर कैसी लगी? शेयर करें

अपने दोस्तों और परिवार के साथ साझा करें