दुनिया की फिर बढ़ी टेंशन : होर्मुज खोलने को लेकर पलटा ईरान, ट्रंप के सख्त बयान से तेहरान ने लिया यू-टर्न

नई दिल्ली। पर्शियन गल्फ का सबसे अहम समुद्री रास्ता, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज, एक बार फिर वैश्विक तनाव का केंद्र बन गया है। ईरान ने पहले इसे खोलने का ऐलान किया था, लेकिन अब अचानक यू-टर्न लेते हुए इस पर दोबारा कड़े प्रतिबंध लगा दिए हैं। इस फैसले के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजारों में हलचल तेज हो गई है और तेल सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ने लगी है।
अमेरिका-ईरान टकराव ने बढ़ाई आग
ईरान का यह कदम ऐसे समय आया है जब अमेरिका ने साफ कर दिया कि उसकी नौसैनिक नाकाबंदी जारी रहेगी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सख्त बयान के बाद तेहरान ने चेतावनी दी कि जब तक उस पर दबाव बना रहेगा, तब तक होर्मुज से जहाजों की आवाजाही सामान्य नहीं हो पाएगी। इससे दोनों देशों के बीच टकराव और गहरा होता दिख रहा है।
समुद्र में फंसे जहाज, बढ़ी अनिश्चितता
ताजा रिपोर्ट्स के अनुसार, कई तेल टैंकरों को बीच रास्ते से ही वापस लौटना पड़ा। भारतीय और ग्रीक जहाज, जो कच्चा तेल लेकर आगे बढ़ रहे थे, अचानक दिशा बदलने को मजबूर हुए। यह स्थिति इस बात का संकेत है कि जमीन पर बयान कुछ भी हों, लेकिन समुद्र में हालात बेहद अस्थिर हैं।
वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर की आशंका
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से दुनिया का लगभग 20ः तेल गुजरता है। ऐसे में इसका बंद होना सिर्फ क्षेत्रीय नहीं बल्कि वैश्विक संकट बन सकता है। अगर यह स्थिति लंबे समय तक बनी रही, तो तेल की कीमतों में उछाल, महंगाई और सप्लाई चेन पर गंभीर असर पड़ सकता है।
सीजफायर के बावजूद भरोसे का संकट
हालांकि ईरान की ओर से पहले यह दावा किया गया था कि युद्धविराम के दौरान यह मार्ग खुला रहेगा, लेकिन कुछ ही घंटों में बदले फैसले ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय का भरोसा हिला दिया है। यह दिखाता है कि हालात कितने नाजुक हैं और किसी भी समय स्थिति और बिगड़ सकती है।
आगे क्या?
विशेषज्ञ मान रहे हैं कि अगर अमेरिका और ईरान के बीच जल्द कोई समझौता नहीं हुआ, तो यह संकट और गहरा सकता है। होर्मुज पर बढ़ती सैन्य गतिविधियां किसी बड़े टकराव की आहट दे रही हैं, जिससे पूरी दुनिया की नजरें अब इस संवेदनशील जलमार्ग पर टिक गई हैं।
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