सूर्यदेव की तपिश देख सजग हुए मप्र के अस्पताल : मरीजों को राहत मुहैया कराने तैयारियों को दुरुस्त करने में जुटा जेपी प्रबंधन

भोपाल। मध्यप्रदेश में बढ़ते तापमान के बीच गर्मी जनित बीमारियों के बढनेे से पहले जिले के अस्पताल सजग हो गये हैं। अस्पतालों में लू और गर्मी जनित बीमारियों से जुड़े मरीजों को राहत मुहैया के प्रबंध शुरू कर दिये हैं। इसमें जिले का जय प्रकाश अस्पताल भी शामिल है। जहां वार्डों में ठंडक और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याओं के निदान के लिये दवाइयों के इंतजाम प्रमुख रूप से शामिल हैं।
दरअसल मौसम में बदलाव के साथ ही प्रदेश में तेज गर्मी का दौर शुरू हो गया है। तापमान 40 पार जाते ही राजधानी भोपाल में प्रशासन ने ऐहितियातन निर्णय लेते हुए जहां स्कूलों का समय बदल दिया है। वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य विभाग भी आसन्न गर्मी जनित रोगों से ग्रसित मरीजों को आवश्यक उपचार परामर्श के साथ आवश्यक दवाईयों सहित दूसरी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कर रहा है। हालांकि गर्मी अभी शुरूआती दौर में है। बावजूद इसके प्रबंधन का मानना है कि अत्यधिक गर्मी बढने से अस्पतालों में पहुंचने वाले रोगियों की संख्या में जल्द इजाफा देखने को मिल सकता है।
व्यवस्थाओं का जायजा लेने पहुंच रहे हैं सीएमएचओ
वतावरण में गर्मी के बढ़ते प्रभाव के दुष्परिणाम को देखते हुए चिकित्सा व्यवस्थाएं सुुदृढ़ करने सीएमएचओ डॉ मनीष शर्मा ने निरीक्षण भी शुरू कर दिया है। जिसमें जिला जयप्रकाश अस्पताल भी शामिल है। इसका मकसद गर्मी के मौसम में अस्पताल आने वाले मरीजों को परेशानी ना हो, इसके इंतजाम सुनिश्चित करना था।
गर्मी में रहता है रहता है इसका डर
हीट रैशः घमौरी में बच्चों की चमड़ी में निकले दाने परेशान करते है
हीट क्रैपः ज्यादा देर तक धूप या गर्मी में रहने के कारण शरीर का तापमान थोड़ा बढ़ जाता है
हीट एग्जॉशनः गर्म मौसम में ज्यादा शारीरिक मेहनत करता है। जिससे शरीर का तापमान बढ़ जाता है।
हीट स्ट्रोकः इसे आम भाषा में लू लगना भी कहते हैं। दूसरी बीमारियों की तुलना में यह कई बार जानलेवा तक साबित हो जाता है।
डीहाईड्रेशनः खान-पान में गड़बड़ी से निर्जलीकरण भी अस्पताल पहुंचा सकता है
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