विकास की राह में बदली 170 साल पुरानी आस्था : नई जगह विराजेंगे ‘खड़े हनुमान’, विदाई के वक्त नम हुईं आंखें

धार्मिक नगरी उज्जैन में विकास और आस्था के बीच शनिवार को एक भावुक तस्वीर देखने को मिली। कंठाल से छत्री चौक तक प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण की जद में आए करीब 170 साल पुराने खड़े हनुमान मंदिर को अब नई जगह ले जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मंदिर से जुड़े लोगों के अनुसार, इसके इतिहास का संबंध वर्ष 1857 के आसपास से माना जाता है। मंदिर को पुरानी जगह से हटाने की खबर से स्थानीय श्रद्धालुओं में भावुकता का माहौल है। जिन गलियों में वर्षों से पूजा-पाठ और धार्मिक गतिविधियां होती रही हैं, वहां अब सड़क विस्तार के लिए बदलाव किया जा रहा है।
पांच पीढ़ियों से बजरंगबली की सेवा
मंदिर के सेवादार महेश पंडित का परिवार करीब पांच पीढ़ियों से यहां पूजा-अर्चना और सेवा करता आ रहा है। उनके लिए यह केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि परिवार की कई पीढ़ियों की आस्था और स्मृतियों का केंद्र रहा है। मंदिर से जुड़े लोगों का कहना है कि पुराने स्थान से प्रतिमा को हटाना उनके लिए बेहद भावुक क्षण है। हालांकि प्रशासन की ओर से प्रतिमा को पूरे धार्मिक सम्मान के साथ नए स्थान पर स्थापित करने की बात कही गई है।
विरोध के बाद अब भारी सुरक्षा में शुरू हुआ स्थानांतरण
इस कार्रवाई को लेकर पहले भी विरोध सामने आ चुका है। 30 अगस्त को बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद और स्थानीय नागरिकों ने कार्रवाई का विरोध किया था। विरोध के दौरान सड़क जाम होने और श्रद्धालुओं के हनुमान चालीसा का पाठ करने के बाद प्रशासन को कार्रवाई रोकनी पड़ी थी। अब प्रशासन और नगर निगम ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। पुलिस बल की मौजूदगी में प्रतिमा को धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ सुरक्षित तरीके से नए स्थान पर ले जाने की प्रक्रिया शुरू हुई।
टंकी चौक पर फिर गूंजेगा जय बजरंगबली
नगर निगम की योजना के मुताबिक खड़े हनुमान की प्रतिमा को टंकी चौक पर पुनर्स्थापित किया जाएगा। श्रद्धालुओं का कहना है कि पुरानी जगह छूटने का दर्द जरूर है, लेकिन नई जगह भी बजरंगबली की भक्ति का केंद्र बनेगी। स्थानीय भक्त अभिषेक ठाकुर ने मांग की कि प्रतिमा की स्थापना के बाद टंकी चौक का नाम बदलकर ‘हनुमान चौराहा’ किया जाए, ताकि नई जगह भी मंदिर की पहचान और आस्था से जुड़ी रहे।
पांच मंदिरों का होगा स्थानांतरण
प्रशासन के अनुसार शहर में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने और भविष्य की विकास योजनाओं के तहत सड़क चौड़ीकरण किया जा रहा है। इसी प्रक्रिया में सड़क की जद में आए पांच मंदिरों को दूसरी जगह स्थानांतरित किया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि प्रतिमाओं को सम्मानपूर्वक स्थानांतरित किया जाएगा और धार्मिक परंपराओं का पूरा ध्यान रखा जाएगा। इस बीच उज्जैन में 170 साल पुराने खड़े हनुमान की विदाई श्रद्धालुओं के लिए विकास की कीमत और आस्था की गहराई को महसूस कराने वाला भावुक पल बन गई है।
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