नवाचार की पाठशाला : खेल-खेल में पढ़ाई और 400 से ज्यादा हाना-मुहावरों का संग्रह, शिक्षक विसेसर साहू को मिलेगा राज्यपाल सम्मान

बलौदाबाजार। एक अच्छा शिक्षक सिर्फ किताबों का ज्ञान नहीं देता, बल्कि बच्चों के भीतर सीखने की जिज्ञासा पैदा करता है और उन्हें जीवन की चुनौतियों के लिए तैयार करता है। बलौदाबाजार जिले के पूर्व माध्यमिक शाला सिंघारी में पदस्थ शिक्षक विसेसर साहू ने शिक्षा को किताबों से आगे ले जाकर नवाचार से जोड़ने की पहल की है। उनके इन्हीं प्रयासों को अब राज्य स्तर पर पहचान मिलने जा रही है। शिक्षक दिवस के अवसर पर उन्हें राज्यपाल उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान से सम्मानित किया जाएगा।
खेल-खेल में गणित सीख रहे बच्चे
गणित जैसे विषय को कई बच्चे कठिन मानते हैं, लेकिन शिक्षक विसेसर साहू ने इसे खेल और गतिविधियों के जरिए आसान बनाने का प्रयास किया है। कंकड़-पत्थर, फूल-पत्तियां और आसपास आसानी से उपलब्ध होने वाली वस्तुओं को शिक्षण सामग्री के तौर पर इस्तेमाल कर बच्चों को गणित की अवधारणाएं समझाई जाती हैं। इस तरीके से बच्चे सिर्फ किताब में पढ़कर याद नहीं करते, बल्कि खुद गतिविधियों में शामिल होकर विषय को समझते हैं। हिंदी, अंग्रेजी और गणित जैसे विषयों को भी गीत, कविता, चित्रकला और खेल आधारित गतिविधियों के जरिए रोचक बनाने का प्रयास किया जाता है।
बच्चों की रचनात्मक प्रतिभा को मंच
शिक्षक विसेसर साहू की पहल सिर्फ कक्षा तक सीमित नहीं है। गर्मी की छुट्टियों में समर कैंप के जरिए बच्चों को संगीत और वाद्य यंत्रों से जोड़ने का प्रयास भी किया जाता है। इसका उद्देश्य बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ उनके भीतर छिपी रचनात्मक प्रतिभा को पहचानना और उसे निखारना है।विद्यालय में पर्यावरण संरक्षण को लेकर भी बच्चों को गतिविधियों से जोड़ा गया है। स्कूल परिसर में अलग-अलग प्रजातियों के पौधे लगाए गए हैं और बच्चों को उनकी देखभाल की जिम्मेदारी से जोड़ा जाता है। इससे पर्यावरण संरक्षण उनके लिए सिर्फ किताब का विषय नहीं, बल्कि जिम्मेदारी का हिस्सा बनता है।
छत्तीसगढ़ी हाना-मुहावरों को सहेजने की पहल
शिक्षक विसेसर साहू शिक्षा के साथ-साथ छत्तीसगढ़ की लोकभाषा और संस्कृति को सहेजने का काम भी कर रहे हैं। धीरे-धीरे प्रचलन से बाहर हो रहे छत्तीसगढ़ी हाना-मुहावरों को उन्होंने संग्रहित करना शुरू किया। अब तक 400 से ज्यादा छत्तीसगढ़ी हाना-मुहावरों का संग्रह तैयार किया जा चुका है। इसे पुस्तक के रूप में प्रकाशित करने की तैयारी भी की जा रही है। इस तरह शिक्षक बच्चों को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने के साथ-साथ छत्तीसगढ़ की लोकभाषा और सांस्कृतिक विरासत से भी परिचित करा रहे हैं।
नवाचार को मिला राज्य स्तर पर सम्मान
खेल आधारित शिक्षा, स्थानीय संसाधनों से शिक्षण, बच्चों की रचनात्मक प्रतिभा को बढ़ावा देने और छत्तीसगढ़ी लोकभाषा को संरक्षित करने जैसे प्रयासों के लिए शिक्षक विसेसर साहू को शिक्षक दिवस के अवसर पर राज्यपाल उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान से सम्मानित किया जाएगा।
शिक्षक विसेसर साहू का प्रयास बताता है कि शिक्षा सिर्फ ब्लैकबोर्ड और किताबों तक सीमित नहीं है। जब पढ़ाई को बच्चों की रुचि, स्थानीय परिवेश और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ा जाता है, तो सीखने की प्रक्रिया और भी प्रभावी और आनंददायक बन सकती है।
रिपोर्ट: अशोक टण्डन, बलौदाबाजार
नीलम अहिरवार
17 साल से टीवी और डिजिटल की दुनिया में सक्रिय। एंटरटेनमेंट, करंट अफेयर्स और पब्लिक कनेक्ट खबरों की धुरंधर। बॉलीवुड की हरकतों को दुनिया तक पहुंचाने में खास दिलचस्पी।
