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रक्षाबंधन : राखी की थाली सजाने से पहले जान लें ये नियम, वरना बिगड़ सकता है शुभ फल, जानें शुभ मुहूर्त के भी बारे में

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Aug 27, 2026
08:21 AM
राखी की थाली सजाने से पहले जान लें ये नियम, वरना बिगड़ सकता है शुभ फल, जानें शुभ मुहूर्त के भी बारे में

भाई-बहन के अटूट प्रेम और विश्वास का पर्व रक्षाबंधन शुक्रवार 28 अगस्त 2026 को मनाया जाएगा। भाई-बहन दोनों ही पर्व को धूमधाम से मनाने की तैयारियों में जुटे हुए हैं। सावन पूर्णिमा के दिन मनाए जाने वाले इस पर्व में बहनें भाई की लंबी उम्र की कामना कर रक्षा सूत्र बांधती हैं और रक्षा करने का वचन लेती हैं। धाम्रिक मान्यताओं के अनुसार राखी बांधने की विधि और शुभ मुहूर्त का विशेष महत्व होता है। ऐसे में कुछ छोटी-मोटी बातों का ध्यान रखना जरूरी होता है। आईए जानते हैं राखी बांधते समय किन बातों का ध्यान रखना होगा।

राखी बांधते समय दिशा का रखें ध्यान

मान्यता के अनुसार राखी बंधवाते समय भाई का मुख पूर्व या उत्तर दिशा की ओर होना शुभ माना जाता है। बहन का मुख पश्चिम दिशा की ओर होना चाहिए। धार्मिक मान्यताओं में दक्षिण दिशा की ओर मुख करके राखी बंधवाना उचित नहीं माना जाता।

खाली सिर न बैठें

राखी बांधते समय भाई और बहन दोनों का सिर कपड़े या रुमाल से ढका होना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि पूजा या किसी धार्मिक अनुष्ठान के दौरान सिर ढककर बैठना शुभता का प्रतीक है। इसलिए राखी की थाली तैयार करते समय इस बात का भी ध्यान रखें।

तिलक में अक्षत का रखें ध्यान

राखी बांधने से पहले भाई के माथे पर रोली और चंदन का तिलक लगाया जाता है। इसके बाद तिलक पर अक्षत यानी साबुत चावल लगाए जाते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार अक्षत पूर्णता और समृद्धि का प्रतीक है। इसलिए तिलक में टूटे हुए चावल के बजाय साबुत चावल का प्रयोग करने की परंपरा है।

हमेशा दाहिनी कलाई पर बांधें राखी

रक्षासूत्र बांधने के लिए भाई की दाहिनी कलाई को शुभ माना जाता है। इसलिए बहन को राखी हमेशा भाई के दाहिने हाथ पर ही बांधनी चाहिए। राखी बांधते समय भाई की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना की जाती है।

राखी में तीन गांठों का महत्व

राखी बांधते समय तीन गांठें लगाना शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार ये तीन गांठें ब्रह्मा, विष्णु और महेश यानी त्रिदेव का प्रतीक मानी जाती हैं। कुछ परंपराओं में इन्हें भाई के स्वास्थ्य, समृद्धि और सुरक्षा से भी जोड़ा जाता है।

आरती के बाद कराएं मुंह मीठा

राखी बांधने के बाद भाई की आरती उतारने की परंपरा है। इसके बाद भाई का मुंह मिठाई से मीठा कराया जाता है। भाई भी बहन को उपहार देकर उसकी रक्षा और सम्मान का संकल्प लेता है।

28 अगस्त का शुभ मुहूर्त

रक्षाबंधन के दिन राखी बांधने का शुभ समय सुबह 5 बजकर 57 मिनट से 9 बजकर 48 मिनट तक बताया गया है। मान्यता के अनुसार, इसी अवधि में राखी बांधना शुभ फलदायी माना जाता है। हालांकि अलग-अलग पंचांग और स्थान के अनुसार मुहूर्त में थोड़ा अंतर हो सकता है, इसलिए स्थानीय पंचांग के समय को प्राथमिकता देना उचित रहेगा।

रक्षाबंधन सिर्फ राखी बांधने का पर्व नहीं, बल्कि भाई-बहन के रिश्ते में प्रेम, विश्वास और जिम्मेदारी को मजबूत करने का अवसर भी है। इसलिए इस दिन विधि-विधान के साथ त्योहार मनाने के साथ रिश्तों में मिठास बनाए रखना भी सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है।

प्रफुल्ल तिवारी
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प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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