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टीएमसी का अंदरूनी सत्ता संघर्ष अब निर्णायक मोड़ पर : ममता का बागी गुट के 8 दिग्गज नेताओं पर कड़ा एक्शन, फिरहाद को भी चीफ व्हिप पद से हटाने की कवायद

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Jun 23, 2026
12:17 PM
ममता का बागी गुट के  8 दिग्गज नेताओं  पर कड़ा एक्शन, फिरहाद को भी चीफ व्हिप पद से हटाने की  कवायद

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) का अंदरूनी सत्ता संघर्ष अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचता दिखाई दे रहा है। पार्टी में समानांतर संगठन खड़ा करने और खुद को "असली टीएमसी" बताने वाले बागी गुट के कदमों के बाद ममता बनर्जी ने बड़ा राजनीतिक दांव खेलते हुए आठ वरिष्ठ नेताओं को पार्टी से निष्कासित कर दिया। यह कार्रवाई पार्टी विरोधी गतिविधियों और समानांतर संगठन में शामिल होने के आरोपों के बाद की गई है।

टीएमसी से निष्कासित किए गए नेताओं में जावेद अहमद खान, फिरहाद हकीम, अरूप रॉय, रथिन घोष, बिप्लब मित्रा, सबीना यास्मीन, अरूप बिस्वास और स्नेहाशीष चक्रवर्ती शामिल हैं। पार्टी ने पहले इन सभी को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा था, लेकिन संतोषजनक उत्तर नहीं मिलने पर निष्कासन की कार्रवाई की गई।

बागी गुट ने बनाया समानांतर संगठन

विवाद उस समय और गहरा गया जब ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी गुट ने विशेष बैठक कर नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी के गठन की घोषणा की। इस गुट ने अरूप रॉय को अध्यक्ष और फिरहाद हकीम को उपाध्यक्ष बनाने का ऐलान किया, जबकि ममता बनर्जी को संगठन का "मेंटर" बनाए जाने की बात कही। साथ ही बागी गुट ने खुद को असली टीएमसी बताते हुए चुनाव आयोग का दरवाजा खटखटाने की भी तैयारी शुरू कर दी है।

फिरहाद हकीम को हटाने की मांग

ममता समर्थक गुट ने विधानसभा में मुख्य सचेतक (चीफ व्हिप) के पद से फिरहाद हकीम को हटाने की मांग भी विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष रखी है। उनकी जगह विधायक मदन मित्रा को नियुक्त करने का प्रस्ताव भेजा गया है। हालांकि विधानसभा अध्यक्ष ने पार्टी के भीतर चल रहे विवाद और कानूनी पहलुओं का हवाला देते हुए फिलहाल इस पर कोई फैसला लेने से इनकार कर दिया है।

हार के बाद बढ़ा संकट

विधानसभा चुनाव में सत्ता गंवाने के बाद टीएमसी अब अपने सबसे बड़े संगठनात्मक संकट का सामना कर रही है। पहले विधायकों की बगावत, फिर सांसदों की नाराजगी और अब समानांतर संगठन के गठन ने पार्टी को दो खेमों में बांट दिया है। बागी गुट का दावा है कि उसे बड़ी संख्या में विधायकों का समर्थन प्राप्त है, जबकि ममता बनर्जी का खेमा संगठन और चुनाव आयोग के स्तर पर अपनी वैधता मजबूत करने में जुटा है।

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एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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