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देवास शराब कांड का गुनहगार है कांग्रेस नेता का बेटा : मंत्री सारंग ने विपक्ष को घेरा, आनंद कासलीवार पर एक्शन न होने पर साधा निशाना

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Oct 29, 2026
09:27 AM
मंत्री सारंग ने विपक्ष को घेरा, आनंद कासलीवार पर एक्शन न होने पर साधा निशाना

भोपाल। मध्य प्रदेश के देवास में जहरीली शराब से हुई मौतों के मामले को लेकर प्रदेश की सियासत गरमा गई है। राज्य सरकार के मंत्री विश्वास सारंग ने इस मामले में कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कांग्रेस प्रवक्ता आनंद कासलीवाल के बेटे अमन कासलीवाल के कथित संबंधों को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। सारंग ने दावा किया कि पुलिस जांच में अमन कासलीवाल का नाम सामने आया है और मुख्य आरोपियों ने उनसे थिनर का ड्रम खरीदने की बात स्वीकार की है।

जांच में अमन कासलीवाल का नाम आने का दावा

विश्वास सारंग ने गुरुवार को मीडिया से बात करते हुए दावा किया की देवास शराब कांड की जांच में कई अहम तथ्य सामने आए हैं। इस मामले के मुख्य आरोपी बताए जा रहे अज्जू राठौर और गोविंद ने अमन कासलीवाल से थिनर का ड्रम खरीदने की बात स्वीकार की है। सारंग ने कहा कि यह दावा उनका निजी बयान नहीं हैं, बल्कि जांच में सामने आई जानकारी पर आधारित है।

मंत्री ने आरोप लगाया कि अमन कासलीवाल ने कथित तौर पर एक पूरा रैकेट खड़ा किया था और वह स्वयं उसका संचालन करते थे। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व को निशाने पर लेते हुए सवाल किया कि मामले को सामने आए 24 घंटे से अधिक समय बीतने के बावजूद आनंद कासलीवाल के खिलाफ पार्टी ने कोई कार्रवाई क्यों नहीं की। उन्होंने कहा कि आनंद कासलीवाल अब भी कांग्रेस के प्रवक्ता हैं और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के साथ नजर आ रहे हैं।

सारंग ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस के धरना-प्रदर्शनों में टेंट, लाइट, माइक, पार्टी कार्यालय का बिजली बिल और कर्मचारियों के वेतन जैसे खर्चों का भुगतान आनंद और अमन कासलीवाल करते थे। उन्होंने सवाल उठाया कि इन खर्चों के लिए इस्तेमाल होने वाला पैसा कहीं जहरीली और नकली शराब के कथित कारोबार से तो नहीं आया था। मंत्री ने इस पहलू की भी जांच कराने की मांग उठाई।

13 मौतों के बाद प्रशासन पर हुई कार्रवाई

दरअसल, देवास में करीब 20 दिनों के भीतर 13 लोगों की मौत का मामला सामने आया था। इन मौतों को शराब के सेवन से जोड़कर देखा गया, जिसके बाद प्रदेश में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई करते हुए संबंधित जिले के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को हटा दिया। इसके अलावा कई कर्मचारियों को निलंबित भी किया गया।

प्रफुल्ल तिवारी
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प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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