सिंहस्थ के लिए मोहन ने अपना ही आशियाना उजाड़ा : भावुकर होकर बोले, यादें तो जुड़ी हैं, लेकिन विकास के लिए त्याग जरूरी, खुद चलाई गैती

उज्जैन। सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के बीच उज्जैन में रविवार को ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने विकास के साथ भावनाओं का भी गहरा जुड़ाव दिखाया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपने पैतृक घर पहुंचे और पूजा-अर्चना के बाद खुद गैंती चलाकर मकान का एक हिस्सा हटाने की शुरुआत की। जिस घर से उनका बचपन, जन्म और वर्षों की यादें जुड़ी हैं, उसे सार्वजनिक परियोजना के लिए समर्पित करते समय मुख्यमंत्री भावुक दिखाई दिए।
बचपन की यादों से जुड़े घर पर खुद चलाया औजार
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस घर में जन्म लिया, जहां बचपन बीता और जहां खेलते-कूदते बड़े हुए, उसके किसी हिस्से को हटाना भावनात्मक रूप से आसान नहीं होता। लेकिन सिंहस्थ जैसे बड़े आयोजन के लिए यदि यह जरूरी है तो विकास के लिए त्याग करना ही होगा।
उन्होंने कहा कि उज्जैन में लोग अपनी निजी संपत्तियों को पीछे कर शहर के विकास में सहयोग कर रहे हैं। यह केवल प्रशासन की कार्रवाई नहीं, बल्कि शहरवासियों की भागीदारी से आगे बढ़ रहा बदलाव है।
उज्जैनवासियों ने दिखाई मिसाल
डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन की आबादी करीब आठ लाख है, जबकि सिंहस्थ के दौरान देशभर से करोड़ों श्रद्धालुओं के आने की संभावना रहती है। इतनी बड़ी संख्या में आने वाले लोगों की सुविधा के लिए शहर की व्यवस्था को व्यापक स्तर पर तैयार करना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि सड़क और अन्य विकास कार्यों के लिए लोगों ने स्वयं अपने मकान पीछे किए हैं। उनके मुताबिक अलग-अलग समुदायों के लोगों ने भी विकास कार्यों में सहयोग करते हुए अपने धार्मिक स्थलों को पीछे किया है। मुख्यमंत्री ने इसे उज्जैन की एकजुटता और आपसी विश्वास का उदाहरण बताया।
निजी संपत्ति भी विकास योजना में शामिल
सिंहस्थ की तैयारियों के तहत शहर में कई सड़क और आधारभूत ढांचे से जुड़े काम चल रहे हैं। मुख्यमंत्री का पैतृक मकान भी प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण परियोजना की सीमा में आया है। परिवार की संपत्ति के साथ भी वही प्रशासनिक प्रक्रिया अपनाई जा रही है, जो इस परियोजना से प्रभावित अन्य भवनों पर लागू है। मुख्यमंत्री ने अपने मकान को भी इसी व्यापक विकास प्रक्रिया का हिस्सा मानते हुए परियोजना के लिए सहयोग किया।
730 मीटर मार्ग होगा चौड़ा
खजूर वाली मस्जिद से अब्दालपुरा, जीवाजीगंज थाना होते हुए गणेश चौक तक करीब 730 मीटर लंबे मार्ग के चौड़ीकरण की प्रक्रिया शुरू की गई है। इस मार्ग को करीब 15 मीटर चौड़ा किया जाएगा। इसके लिए राज्य शासन ने लगभग 9.80 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है।
admin
एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।
