Food Apps से तय होंगे रेस्टोरेंट के Inspection! : MP में अब डिजिटल डेटा से होगी खाद्य प्रतिष्ठानों की निगरानी

भोपाल: अब फूड डिलीवरी ऐप सिर्फ खाना ऑर्डर करने का जरिया नहीं रहेंगे... बल्कि इन्हीं ऐप्स के डेटा से यह भी तय हो सकता है कि किस रेस्टोरेंट या होटल का फूड सेफ्टी इंस्पेक्शन पहले किया जाए।
मध्यप्रदेश के Food & Drug Administration विभाग ने खाद्य सुरक्षा की निगरानी के लिए एक नया डेटा आधारित तरीका अपनाना शुरू किया है। इसके तहत ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म से मिलने वाले डेटा, ग्राहक रेटिंग और दूसरे डिजिटल संकेतकों का विश्लेषण किया जाएगा।
ज्यादा ग्राहक वाले रेस्टोरेंट पर पहले नजर
विभाग का फोकस उन रेस्टोरेंट और होटल पर रहेगा जहां ग्राहकों की संख्या ज्यादा है। यानी जिस प्रतिष्ठान से ज्यादा लोग खाना मंगा रहे हैं, वह खाद्य सुरक्षा की जांच के लिए प्राथमिकता सूची में आ सकता है।
इसका मकसद इंस्पेक्शन की प्रक्रिया को ज्यादा डेटा आधारित और प्रभावी बनाना है, ताकि सीमित संसाधनों में उन जगहों पर पहले निगरानी की जा सके जहां ज्यादा लोग खाना खरीद रहे हैं।
ग्राहक रेटिंग भी बनेगी आधार
ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर मिलने वाली ग्राहक रेटिंग और दूसरे डिजिटल इंडिकेटर्स को भी ध्यान में रखा जाएगा। यानी अब लोगों की ऑनलाइन गतिविधियां और रेस्टोरेंट की डिजिटल मौजूदगी खाद्य सुरक्षा विभाग की निगरानी में अहम भूमिका निभा सकती है।

ग्राहकों के लिए क्या बदलेगा?
इस पहल का सीधा असर उन लोगों पर पड़ सकता है जो ऑनलाइन खाना ऑर्डर करते हैं। ज्यादा लोकप्रिय रेस्टोरेंट पर प्राथमिकता से जांच होने से खाने की गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा मानकों की निगरानी मजबूत करने की कोशिश होगी।
यानी अब जिस रेस्टोरेंट को आप फूड ऐप पर सबसे ज्यादा ऑर्डर कर रहे हैं...
वह सरकारी निगरानी की लिस्ट में भी सबसे ऊपर आ सकता है।
आखिर में बड़ा सवाल
क्या फूड ऐप का डेटा मध्यप्रदेश में फूड सेफ्टी इंस्पेक्शन का नया हथियार बनेगा?
अगर यह प्रयोग सफल रहा, तो भविष्य में खाद्य सुरक्षा की निगरानी और ज्यादा डिजिटल और डेटा आधारित हो सकती है।
पलक गीते
एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।
