भोपाल के बाद इंदौर के मास्टर प्लान पर गरमाई सियासत : जीतू ने सरकार का साधा निशाना, दी चेतावनी भी

इंदौर। भोपाल के बाद अब इंदौर के नए मास्टर प्लान को लेकर सियासत गरमाने लगी है। इंदौर दौरे पर पहुंचे पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने इंदौर मास्टर प्लान को लेकर प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है। इतना ही नहीं, उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर तीन महीने में इंदोर में मास्टर प्लान लागू नहीं किया गया तो वे 50 हजार इंदौरियों को लेकर राजधानी पहुंचेंगे। इस दौरान जीतू ने सरकार और स्थानीय प्रशासन पर भू-माफियाओं को संरक्षण देने का भी आरोप लगाया।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के इंदौर में 19 सितंर को आयोजित होने वाले छात्रों की गूंज कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लेने पहुचे जीतू पटवारी ने मीडिया से चर्चा के दौरान सरकार पर चुनावी वादों के जरिए जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इंदौर की समस्याओं का जल्द समाधान नहीं हुआ तो कांग्रेस सड़क पर उतरकर बड़ा आंदोलन करेगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात कर शहर की समस्याओं को उनके सामने रखा जाएगा।
इंदौर के बेहद जरूरी मास्टर प्लान
पटवारी के मुताबिक, इंदौर जैसे तेजी से बढ़ते शहर के लिए मास्टर प्लान बेहद जरूरी है। आबादी बढ़ने के साथ यातायात, सड़क, आवास और अन्य बुनियादी सुविधाओं पर दबाव बढ़ रहा है, लेकिन योजनाबद्ध विकास के अभाव में आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
भू-माफियाओं के संरक्षण का लगाया आरोप
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने सरकार और स्थानीय प्रशासन पर भू-माफियाओं को संरक्षण देने का गंभीर आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि लंबे समय से चल रहे कथित संरक्षण का असर शहर के विकास पर दिखाई दे रहा है। उनके अनुसार, अव्यवस्थित निर्माण और जमीनों से जुड़े मामलों के कारण शहर की कई व्यवस्थाएं प्रभावित हुई हैं।
‘उज्जैन-इंदौर मेट्रोपॉलिटन’ नामकरण पर आपत्ति
जीतू पटवारी ने ‘उज्जैन-इंदौर मेट्रोपॉलिटन’ नामकरण को लेकर भी अपनी असहमति जताई। उन्होंने इसे शहर की वास्तविक जरूरतों से ध्यान भटकाने वाला कदम बताया और कहा कि नाम बदलने के बजाय सरकार को इंदौर की मूलभूत समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए।
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