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भारत-चीन रिश्तों में सुधार के संकेत : 6 साल बाद खुला नाथुला दर्रा, सीमा पर शुरु हुआ व्यापार, गवलान विवाद के बाद बंद हुआ था रास्ता

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Aug 27, 2026
10:09 AM
6 साल बाद खुला नाथुला दर्रा, सीमा पर शुरु हुआ व्यापार, गवलान विवाद के बाद बंद हुआ था रास्ता

नई दिल्ली। भारत और चीन के बीच लंबे समय से तनावपूर्ण चल रहे रिश्तों में अब धीरे-धीरे बर्फ पिघलने लगी है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण नाथुला दर्रा में देखेने को मिला है। करीब छह साल से बंद रहे इस मार्ग को सीमा व्यापार के लिए फिर से खोल दिया गया है। व्यापारिक गतिविधियां दोबारा शुरू होने से सिक्किम के स्थानीय व्यापारियों और सीमावर्ती इलाकों में नई उम्मीद जगी है। इसे दोनों देशों के बीच आर्थिक संपर्क बहाल होने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

600 व्यापारियों ने फिर पकड़ा सीमा का रास्ता

नाथुला दर्रा खुलने के बाद सिक्किम और आसपास के इलाकों के करीब 600 स्थानीय भारतीय व्यापारी सीमा पार तिब्बत की ओर जा रहे हैं। व्यापारी अपने साथ भारतीय चावल, चाय, मसाले और रोजमर्रा की जरूरी वस्तुएं लेकर पहुंच रहे हैं। वापसी में वे तिब्बत से ऊन, कच्चा रेशम और अन्य स्थानीय सामान भारत ला रहे हैं।

व्यापार शुरू होने से सीमावर्ती क्षेत्रों की स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी फायदा मिलने की उम्मीद है। लंबे समय से बंद व्यापार मार्ग के कारण प्रभावित व्यापारियों के लिए यह बहाली बड़ी राहत मानी जा रही है।

गलवान के बाद बंद हुआ था रास्ता

जून 2020 में पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में भारत और चीन के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प के बाद दोनों देशों के संबंधों में तनाव बढ़ गया था। इसका असर सीमा व्यापार पर भी पड़ा और नाथुला मार्ग बंद हो गया। अब करीब छह साल बाद इस मार्ग से व्यापार दोबारा शुरू होना दोनों देशों के बीच संवाद और संपर्क में सुधार का संकेत माना जा रहा है। भारत में मौजूद चीनी दूतावास की प्रवक्ता यू जिंग ने भी व्यापार मार्ग बहाल होने की जानकारी दी है।

2025 में बनी थी सहमति

नाथुला सहित सीमा व्यापार मार्गों को फिर खोलने की दिशा में दोनों देशों के बीच 2025 में हुई कूटनीतिक बातचीत को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और चीन के विदेश मंत्री वांग यी के बीच विशेष प्रतिनिधियों की 24वीं बैठक में नाथुला, लिपुलेख और शिपकी ला मार्गों से व्यापार फिर शुरू करने पर सहमति बनी थी।

ऐतिहासिक व्यापार मार्ग है नाथुला

समुद्र तल से करीब 4,302 मीटर की ऊंचाई पर स्थित नाथुला दर्रा भारत और तिब्बत के बीच सदियों पुराने व्यापारिक संपर्क का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। 1962 के भारत-चीन युद्ध के बाद यह मार्ग लंबे समय तक बंद रहा। वर्ष 2006 में समझौते के बाद यहां से दोबारा व्यापार शुरू हुआ था, लेकिन 2020 के बाद गतिविधियां फिर रुक गईं।

अब व्यापार की वापसी से न केवल स्थानीय कारोबार को नई गति मिलने की उम्मीद है, बल्कि भारत-चीन संबंधों में आर्थिक संपर्क बढ़ने के संकेत भी मजबूत हुए हैं।

प्रफुल्ल तिवारी
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प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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